पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, करौली-सवाई माधोपुर में 40 घंटे से अधिक समय से जाम

करौली के पांचना बांध से नहरों में छोड़ा गया पानी तकनीकी खराबी के कारण किसानों तक समय पर नहीं पहुंचने से आंदोलन तेज हो गया है। करौली और सवाई माधोपुर में 40 घंटे से अधिक समय से कई सड़कें और हाईवे जाम हैं। रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित हुआ है, जबकि किसान पर्याप्त पानी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। साथ ही गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भी सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 8, 2026 • 5:35 PM  2
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राजस्थान
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पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, करौली-सवाई माधोपुर में 40 घंटे से अधिक समय से जाम
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पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, करौली-सवाई माधोपुर में 40 घंटे से अधिक समय से जाम

करौली। करौली जिले के पांचना बांध से नहरों में छोड़े गए पानी के कमांड एरिया तक समय पर नहीं पहुंचने से किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। यह विवाद अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। करौली और सवाई माधोपुर जिलों में कई प्रमुख सड़कें पिछले 40 घंटे से अधिक समय से जाम हैं। किसानों ने साफ कहा है कि जब तक नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचेगा और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

किसानों ने करौली-धौलपुर नेशनल हाईवे-23 पर सलेमपुर, कुड़गांव, मांच और कोंडर मोड़ सहित कई स्थानों पर जाम लगा रखा है। वहीं करौली-गंगापुर स्टेट हाईवे पर कटकड़ और गुडला गांव के पास तथा करौली-मंडरायल रोड पर ससेडी मोड़ पर भी रास्ते बंद हैं। इन जामों के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक और आवश्यक सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ा है।

रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित

लगातार जाम की स्थिति को देखते हुए राजस्थान रोडवेज ने हिंडौन-करौली, हिंडौन-गंगापुर सहित कई रूटों पर बसों का संचालन रोक दिया है। निजी वाहन, ट्रक और मालवाहक वाहन भी लंबी कतारों में फंसे हुए हैं। दूध, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तकनीकी खराबी बनी विवाद की वजह

 पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया था, लेकिन गेटों में आई तकनीकी खराबी के कारण पानी कमांड एरिया तक समय पर नहीं पहुंच पाया। इससे टेल क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी फैल गई। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण सिंचाई के लिए जरूरी पानी समय पर नहीं मिला।

कुंसाय गांव में 30 घंटे से ज्यादा समय से धरना

सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखंड के कुंसाय गांव में भी किसान 30 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिंडौन-गंगापुर सिटी रोड पर झाड़ियां और लकड़ियां डालकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण डटे हुए हैं। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसान नेता रघुवीर पीलोदा ने मांग की कि नहर में पानी का बहाव बढ़ाया जाए ताकि अंतिम छोर तक किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने पांचना बांध के गेटों की तकनीकी खराबी तत्काल दूर करने और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि नहरों में पर्याप्त पानी अब भी नहीं पहुंचा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसानों और किसान नेताओं के खिलाफ भ्रामक टिप्पणियां करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

गुर्जर समाज के विरोध से बढ़ा तनाव

इसी बीच करौली जिले के गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। नाराज लोगों ने गुढ़ाचंद्रजी-सिकंदरा रोड पर मुहाना मोड़ के पास जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मुहाना, राजाहेड़ा, भंवरवाड़ा, सन्देड़ा, राजकुवा और वास सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर झाड़ियां और पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

सूचना मिलने पर गुढ़ाचंद्रजी और नादौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी और जिलेभर में लगे जाम नहीं खुलेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन समाधान की कोशिश में

पुलिस और प्रशासन लगातार किसानों तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ते खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रमुख स्थान से जाम नहीं हटाया जा सका था। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या के समाधान और किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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