दरवाज़ा बंद था... रिश्ते उससे भी ज़्यादा...आखिरी वक्त में कोई अपना नहीं था!

जयपुर के त्रिवेणी नगर में 90 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल हरिश्चंद्र अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। तीन दिन तक उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ और बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो उनका शव मिला। शुरुआती जांच में मौत तीन दिन पहले होने की आशंका है। यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग की मौत नहीं, बल्कि बदलते रिश्तों, अकेलेपन और समाज की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
July 23, 2026 • 1:48 PM  254
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दरवाज़ा बंद था... रिश्ते उससे भी ज़्यादा...आखिरी वक्त में कोई अपना नहीं था!
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23 Jul 2026
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दरवाज़ा बंद था... रिश्ते उससे भी ज़्यादा...आखिरी वक्त में कोई अपना नहीं था!

जयपुर। कभी-कभी एक खबर सिर्फ खबर नहीं होती, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक ऐसा सवाल होती है, जिसका जवाब हम सबको देना पड़ता है।

ज़रा एक पल के लिए सोचिए...

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