उदयपुर सांसद का आरोप: आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण का इकोसिस्टम सक्रिय, NIA-CBI जांच की मांग

उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने आदिवासी बच्चों को कथित रूप से फ्री शिक्षा के बहाने तमिलनाडु ले जाने के मामले में धर्मांतरण के एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में बाहरी लोगों का एक इकोसिस्टम काम कर रहा है और पूरे मामले की एनआईए व सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। सांसद ने कानूवाड़ा एफआईआर, गोवा से छुड़ाए गए सात बच्चों और पूर्व में सामने आए मामलों का हवाला देते हुए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 19, 2026 • 3:53 PM  7
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राजस्थान
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उदयपुर सांसद का आरोप: आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण का इकोसिस्टम सक्रिय, NIA-CBI जांच की मांग
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उदयपुर सांसद का आरोप: आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण का इकोसिस्टम सक्रिय, NIA-CBI जांच की मांग

उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने आदिवासी बच्चों को कथित रूप से फ्री शिक्षा के बहाने तमिलनाडु ले जाने के मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को गोवा से छुड़ाए गए सात आदिवासी बच्चों के उदयपुर पहुंचने के बाद सांसद ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि धर्मांतरण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण का पूरा इकोसिस्टम सक्रिय है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए एनआईए (NIA) और सीबीआई (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए।

रावत ने आरोप लगाया कि बच्चों को अवैध तरीके से मानव तस्करी के जरिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं और लगातार मिल रही सूचनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि आदिवासी इलाकों में संगठित तरीके से काम किया जा रहा है।

कानूवाड़ा FIR का दिया हवाला

सांसद ने कहा कि ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा में दर्ज एफआईआर में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में नेपाल और पंजाब के निवासी भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेपाल से जुड़े व्यक्ति के साथ एक पाकिस्तानी नागरिक भी था और छत्तीसगढ़ के कुछ लोग भी इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग आदिवासी क्षेत्रों में छद्म तरीके से रहकर धर्मांतरण की अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं और स्थानीय लोगों के बीच अलगाव पैदा करने का प्रयास करते हैं।

विकास रोकने और लालच देने का आरोप

मन्नालाल रावत ने कहा कि यह नेटवर्क आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उनका आरोप है कि लोगों को गरीब बनाए रखने के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के लोभ-लालच दिए जाते हैं और इस पूरे नेटवर्क में बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन होने की भी सूचनाएं मिली हैं।

डूंगरपुर और बांसवाड़ा की घटनाओं का भी किया जिक्र

सांसद ने कहा कि इससे पहले डूंगरपुर के सेंट पॉल स्कूल और बांसवाड़ा के कलिंजरा क्षेत्र से भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन आदिवासी क्षेत्रों में जाकर लोगों को भड़काने और संविधान विरोधी सोच फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीतिक बयान पर भी उठाए सवाल

रावत ने बिना किसी नेता का नाम लिए आरोप लगाया कि राजस्थान की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी का वरिष्ठ नेता कानूवाड़ा पहुंचकर धर्मांतरण को अधिकार बता रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सांसद ने यह भी कहा कि कुछ नए राजनीतिक समूह "आदिवासी हिंदू नहीं हैं" जैसी बातें प्रचारित कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तरह की मार्केटिंग समाज में भ्रम पैदा करने और विकास की गति रोकने का प्रयास है।

जनगणना और ORP की मांग पर भी टिप्पणी

मन्नालाल रावत ने कहा कि जनगणना में ORP की मांग करने वाले कुछ लोग आदिवासियों पर भारतीय कानून लागू नहीं होने जैसी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पूरे इकोसिस्टम को समाप्त करना जरूरी है ताकि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सभी समाज मिलकर आगे बढ़ सकें।

NIA और CBI जांच की मांग

सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की एनआईए और सीबीआई से गहन जांच कराई जाए, ताकि यदि कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है तो उसकी जड़ों तक पहुंचकर कार्रवाई की जा सके।

दो दिन पहले गोवा से छुड़ाए गए थे 7 बच्चे

गौरतलब है कि उदयपुर बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम दो दिन पहले गोवा पहुंची थी, जहां रेलवे पुलिस की मदद से सात आदिवासी बच्चों को छुड़ाया गया। इनमें दो लड़कियां और पांच लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच है।

 बच्चों को पहले बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन के जरिए गोवा ले जाया गया था। वहां से उन्हें तमिलनाडु ले जाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।

फ्री शिक्षा के बहाने ले जाने का आरोप

सांसद का आरोप है कि गरीब आदिवासी परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लालच देकर राजस्थान से तमिलनाडु ले जाया जा रहा था और इसके पीछे धर्मांतरण की मंशा हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और मामले की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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