आधी रात, लोहे का सरिया और चाची की चीखें... सगे भतीजे ने क्यों किया ये कत्ल?
झुंझुनूं के नयाबास गांव में जमीनी विवाद के चलते सोते समय चाची की लोहे के सरिए से हत्या करने वाले भतीजे को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अदालत ने हत्यारे भतीजे को आजीवन कारावास और 61 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।



राजस्थान के झुंझुनूं जिले में संपत्ति और जमीनी विवाद को लेकर हुए एक खौफनाक हत्याकांड में अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। अपनी सगी चाची को मौत के घाट उतारने वाले कलयुगी भतीजे को कोर्ट ने हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 61 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह वारदात 3 साल पहले अगस्त 2023 में बिसाऊ थाना क्षेत्र के नयाबास गांव में हुई थी।
सोते समय किया था सरिए से वार, रास्ते में तोड़ा दम
अपर लोक अभियोजक (एपीपी) नंदकिशोर शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नयाबास गांव में परिवार के बीच जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते 23 अगस्त 2023 की रात को आरोपी दिनेश कुमार ने खौफनाक कदम उठाया। दिनेश ने रात के समय कमरे में सो रही अपनी चाची सुभिता देवी पर लोहे के भारी सरिए से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले में सुभिता देवी के सिर पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ सुभिता देवी को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और जयपुर ले जाते समय नवलगढ़ के पास रास्ते में ही सुभिता देवी ने दम तोड़ दिया।
बचाव में आए दादा और दूसरी चाची को भी पीटा, दादा ने ही दर्ज कराई एफआईआर
इस जघन्य हत्याकांड में खास बात यह रही कि हत्यारे के खिलाफ उसके अपने ही सगे दादा ने पुलिस थाने में न्याय की गुहार लगाई। घटना वाली रात जब आरोपी दिनेश सुभिता देवी पर हमला कर रहा था, तब चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने के लिए परिवार की ही पिंकी देवी और दिनेश के दादा केशरराम वहां पहुंचे। सिर पर खून सवार दिनेश ने उन दोनों को भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद सुभिता देवी की मौत होने पर दादा केशरराम ने ही अपने पोते दिनेश के खिलाफ पुलिस में हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई।
अदालत का फैसला: सबूतों और गवाहों के आधार पर उम्रकैद
पुलिस ने दादा की रिपोर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूरी की और कोर्ट में आरोपी भतीजे के खिलाफ चालान पेश किया। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से अभियोजन ने मामले से जुड़े कई पुख्ता साक्ष्य और गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का अवलोकन करने के बाद, अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 कालूराम की अदालत ने बुधवार को अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी दिनेश कुमार को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के तहत पूर्ण रूप से दोषी माना। न्यायाधीश ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाने के साथ-साथ 61,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। तीन साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इस मामले में न्याय की जीत हुई है।












































