बंगाल में तृणमूल का संकट गहराया: राज्यसभा से चार सांसदों का इस्तीफा, सायोनी घोष पर सस्पेंस बरकरार

बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में सियासी भूचाल। पिछले चार दिनों में चार राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया। सायोनी घोष की भूमिका पर सस्पेंस गहराया।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
June 11, 2026 • 7:19 PM | कोलकाता 53
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बंगाल में तृणमूल का संकट गहराया: राज्यसभा से चार सांसदों का इस्तीफा, सायोनी घोष पर सस्पेंस बरकरार
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बंगाल में तृणमूल का संकट गहराया: राज्यसभा से चार सांसदों का इस्तीफा, सायोनी घोष पर सस्पेंस बरकरार

कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के अंदर शुरू हुई बगावत अब विधानसभा से निकलकर संसद तक पहुंच चुकी है, जिससे नेतृत्व पर भारी दबाव है।

गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक और अभिनेत्री से नेता बनीं सांसद कोयल मल्लिक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इन इस्तीफों के साथ, पिछले चार दिनों में राज्यसभा से तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले सांसदों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी उच्च सदन की सदस्यता त्याग चुके हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

तृणमूल कांग्रेस छोड़ रहे प्रमुख चेहरे

प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने यह फैसला हालिया चुनाव में जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए लिया है। उन्होंने तृणमूल छोड़ने की घोषणा की और बताया कि भविष्य में वह मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही काम करेंगे। बड़ाईक को कभी अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता था। तृणमूल ने उन्हें 2023 में राज्यसभा भेजा था और 2024 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार से उम्मीदवार भी बनाया था। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से भी इस्तीफा दे दिया है।

उधर, कोयल मल्लिक के इस्तीफे ने भी तृणमूल की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फरवरी में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था और अप्रैल में ही उन्होंने सांसद पद की शपथ ली थी। उस समय उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बताया था, लेकिन अब उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली है।

राज्यसभा में TMC का संख्या बल घटा

इन लगातार इस्तीफों के कारण राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस का संख्या बल 13 से घटकर नौ रह गया है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे पार्टी को और झटका लग सकता है। लोकसभा में भी पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है, जहां बड़ी संख्या में सांसदों के असंतुष्ट खेमे के साथ जाने की चर्चाएं तेज हैं।

इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अभिनेता-सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कठिन समय में वह न तो पार्टी छोड़ेंगे और न ही अपनी नेता का साथ। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, नैतिक रूप से इस समय ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहना ही उचित है।

सायोनी घोष पर सस्पेंस बरकरार, चुप्पी साधे कोलकाता लौटीं

तृणमूल कांग्रेस में जारी इस राजनीतिक भूचाल के बीच सांसद और युवा तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष सायोनी घोष को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के भीतर चल रही उठापटक के बीच उनका नाम उन नेताओं में शामिल किया जा रहा है, जिन्होंने बागी खेमे से नजदीकियां बढ़ा ली हैं। हालांकि, सायोनी ने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में सायोनी घोष, माला राय, यूसुफ पठान, प्रतिमा मंडल और मिताली बाग मौजूद थीं। बाद में, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां पहुंचे और इन सांसदों के साथ लंबी चर्चा की। बताया जा रहा है कि बैठक में बागी खेमे को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर गहन बातचीत हुई।

इस घटनाक्रम के बाद तृणमूल के भीतर सायोनी की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का एक वर्ग खुलकर यह जानना चाहता है कि वह आखिर किस पक्ष में हैं। हाल के दिनों में पार्टी के विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में भी उनकी अनुपस्थिति और चुप्पी को लेकर असंतोष सामने आया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि वह तृणमूल के साथ हैं तो खुलकर सामने आएं और यदि बागी खेमे में शामिल हो चुकी हैं तो इसकी भी घोषणा करें।

इसी बीच, गुरुवार दोपहर सायोनी घोष कोलकाता लौटीं। एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने उनसे उनके राजनीतिक रुख और कथित शिविर परिवर्तन को लेकर सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सिर पर टोपी, चेहरे पर मास्क पहने और पूरी तरह चुप्पी साधे वह सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गईं। इस घटना ने उनके भविष्य के कदमों को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है।

Ashok Shera

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"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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