गूगल मैप के चक्कर में बेकाबू ट्रक ने 41 श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत, 26 घायल
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा। ब्रेक फेल होने से बेकाबू ट्रक ने पुलिस चेकपोस्ट तोड़ते हुए 41 श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत और 26 घायल। जानें हादसे की पूरी जानकारी।



मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नवरात्रि के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओं को एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस खौफनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 26 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। घायलों का इलाज जयारोग्य अस्पताल (JAH) के ट्रॉमा सेंटर में जारी है।
गूगल मैप ने दिखाया रास्ता, ढलान पर फेल हुए ब्रेक
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर हुआ। धान से ओवरलोड दो ट्रक पंजाब जा रहे थे। ड्राइवर ने रास्ता भटकने से बचने के लिए मोबाइल पर गूगल मैप चालू किया था। मैप ने उन्हें चीनौर रोड का रास्ता दिखा दिया।
नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर पर 9 दिन तक सभी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। लेकिन जब ट्रक ढलान पर पहुंचा, तो अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। ढलान के नीचे करीब एक लाख श्रद्धालुओं की भीड़ थी। बेकाबू ट्रक पुलिस बैरिकेड्स और चेकपोस्ट को तोड़ता हुआ लोगों को कुचलते हुए सीधे मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह ने बताया कि भारी वाहनों का प्रवेश इस मार्ग पर प्रतिबंधित है। ट्रक ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गया। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही एंबुलेंस और राहत दल मौके पर भेज दिए गए थे। उन्होंने कहा, "यह जांच का विषय है कि जब वहां स्टॉपर और पुलिस चेकपोस्ट मौजूद थी, तो इतना बड़ा ट्रक अंदर कैसे प्रवेश कर गया। आरटीओ (RTO) की टीम को ट्रक की मैकेनिकल जांच के लिए भेजा गया है।"
परिजनों का हंगामा और पुलिस पर लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद अस्पताल और पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। अपनों को खो चुके लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुस्साए परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका सवाल है कि "जहां साइकिल तक नहीं जा सकती, वहां इतना बड़ा ट्रक कैसे पहुंच गया?"
परिजनों की प्रमुख मांगें:
मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
घायलों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा मिले।
ट्रक चालक के खिलाफ हत्या (मर्डर) का केस दर्ज किया जाए।
नेताओं ने जताया दुख, सीएम मोहन यादव रख रहे नजर
घटना की सूचना मिलने पर मंत्री राकेश शुक्ला घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों के परिजनों से बात कर रहे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जल्द ही मुआवजे की घोषणा भी की जा सकती है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख जताया है।
हादसे में जान गंवाने वालों की सूची (जिनकी पहचान हो चुकी है):
सत्येंद्र सिंह गुर्जर (22 वर्ष), निवासी- महलगांव
सरला तोमर (50 वर्ष), निवासी- हनुमान पहाड़ी, गुढ़ा
गौरव परिहार (18 वर्ष), निवासी- बड़ागांव, खुरेरी
महेश शर्मा (45 वर्ष), निवासी- सहसराम गसवानी, श्योपुर
विमलेश (18 वर्ष), निवासी- महागावरा, सीहोर
देवेश बघेल (17 वर्ष), निवासी- मावटा, भितरवार
प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16 वर्ष), निवासी- ठाठीपुर
शौर्य शर्मा (15 वर्ष), निवासी- सहसराम, श्योपुर
हेमंत राठौर, निवासी- शिवनगर, गदाईपुरा
दिव्यांश कुशवाह (17 वर्ष), निवासी- महेशपुरा
पवन राठौर (23 वर्ष), निवासी- गदाईपुरा, हजीरा
जीआरएमसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के अनुसार, शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर एंबुलेंस के जरिए उनके घर भेजा जा रहा है। वहीं, शीतला माता मंदिर में रविवार सुबह से हालात सामान्य हो गए हैं और अष्टमी होने के कारण श्रद्धालु भारी संख्या में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।













































