सिंधु जल समझौता तोड़ने से मारवाड़ में बहेगी हरियाली की गंगा,किसानों के लिए सुख की खबर

मोदी सरकार ने सिंधु जल समझौता तोड़कर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है, जिससे मारवाड़ के किसानों के लिए समृद्धि का नया युग शुरू होगा। ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने इस फैसले की सराहना करते हुए डब्ल्यूआरसीपी के तहत उत्तरी नदियों का पानी मारवाड़ लाने की मांग की। यह कदम पाकिस्तान की नापाक साजिशों को नाकाम करेगा और मारवाड़ की सूखी धरती को हरा-भरा बनाएगा, जिससे किसानों का जीवन बदल जाएगा

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
April 28, 2025 • 3:22 PM  7k
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सिंधु जल समझौता तोड़ने से  मारवाड़ में बहेगी हरियाली की गंगा,किसानों के लिए सुख की खबर
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सिंधु जल समझौता तोड़ने से  मारवाड़ में बहेगी हरियाली की गंगा,किसानों के लिए सुख की खबर

रिपोर्ट/राजेंद्र सिंह:जोधपुर: केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह देश और किसानों की भलाई के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के साहसिक फैसले ने न केवल पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के लिए भी समृद्धि की नई राह खोल दी। ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने जोधपुर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम मारवाड़ के सूखाग्रस्त इलाकों में क्रांति लाएगा।

विधायक सियोल ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के सभी जनप्रतिनिधियों, सांसदों और विधायकों ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि सिंधु, चिनाब, झेलम और अन्य सहायक नदियों के रोके गए पानी को डायवर्ट कर डब्ल्यूआरसीपी (वेस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) के तहत मारवाड़ के मरुस्थलीय जिलों में नहरी पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, लेकिन अब उसका पानी भी बंद! यह पानी हमारे किसानों की खेती को सींचेगा और मारवाड़ की धरती पर हरियाली की लहर दौड़ेगी।"

सियोल ने जोर देकर कहा कि पीकेसी-ईआरसीपी की तर्ज पर डब्ल्यूआरसीपी के जरिए उत्तरी भारत की नदियों का पानी मारवाड़ तक लाया जाए तो यह क्षेत्र सूखे और अकाल के अभिशाप से मुक्त हो जाएगा। "मोदी जी का नेतृत्व ही ऐसा है जो असंभव को संभव बना सकता है। वह किसानों के लिए भाग्य विधाता बनकर उभरे हैं," सियोल ने गर्व से कहा।

पश्चिमी राजस्थान, जो पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, न केवल देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि अपनी धार्मिक और वीर भूमि के लिए भी जाना जाता है। लेकिन बार-बार सूखा और अकाल के कारण यहां के लोग रोजी-रोटी के लिए पलायन करने को मजबूर हैं। नहरी पानी की उपलब्धता से न केवल खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मारवाड़ के किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

सियोल ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, "जो देश आतंकवाद का पोषक है, उसे पानी की एक बूंद भी नहीं मिलनी चाहिए। मोदी जी ने यह साहसिक कदम उठाकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया है।" उन्होंने मारवाड़वासियों से अपील की कि वे इस फैसले का स्वागत करें और मोदी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर क्षेत्र के विकास में योगदान दें।

इस फैसले से मारवाड़ के किसानों में उत्साह की लहर है। स्थानीय किसान रामलाल ने कहा, "पाकिस्तान को पानी देकर हम अपनी धरती को सूखा रखते थे। अब मोदी जी ने हमारी पुकार सुन ली। नहरी पानी आएगा तो हमारी फसलें लहलहाएंगी और हमारे बच्चे पलायन से बचेंगे।"

मोदी सरकार का यह कदम न केवल मारवाड़, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है। यह फैसला पाकिस्तान को उसकी हरकतों का जवाब देगा और साथ ही मारवाड़ की मरुधरा को हरियाली का तोहफा देगा। मारवाड़ के किसान अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनकी धरती पर नहरों का जाल बिछेगा और उनकी मेहनत का फल दोगुना होगा।

निष्कर्ष:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह साहसिक निर्णय न केवल राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है, बल्कि मारवाड़ के किसानों के लिए नई उम्मीद और समृद्धि का प्रतीक है। पाकिस्तान को सबक और मारवाड़ को हरियाली—यही है मोदी सरकार का विजन, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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