अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 6 साल बाद हुई मुलाकात.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 6 साल बाद दक्षिण कोरिया के बुसान में 100 मिनट की मुलाकात हुई। ट्रम्प ने ऐलान किया कि अमेरिका-चीन ट्रेड डील पूरी हो चुकी है, बस हस्ताक्षर बाकी हैं। चीन पर फेंटेनाइल के कारण लगे 20% टैरिफ को 10% घटाया गया, बदले में चीन अमेरिकी सोयाबीन की बड़ी खरीद करेगा। रेयर अर्थ मटेरियल्स विवाद सुलझा, चीन अमेरिका में निवेश बढ़ाएगा। यूक्रेन युद्ध पर शांति के लिए सहयोग, परमाणु परीक्षण का बचाव, और अप्रैल 2026 में ट्रम्प का चीन दौरा तय। मुलाकात चीन के वीबो पर 25 करोड़ बार देखी गई।
30 अक्टूबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की छह साल बाद हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात ने अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध को नई दिशा देने का संकेत दिया है। दक्षिण कोरिया के बुसान में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के साइडलाइंस पर हुई इस 100 मिनट की बैठक ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत की सांस दी है। ट्रम्प ने बैठक के बाद एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है, जिस पर जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं।
ट्रेड डील का बड़ा ऐलान: 10% टैरिफ कटौती, सोयाबीन खरीद और रेयर अर्थ पर सहमति
ट्रम्प ने खुलासा किया कि फेंटेनाइल की तस्करी पर लगाए गए 20% टैरिफ को तत्काल प्रभाव से 10% घटाकर 47% कर दिया गया है। बदले में, चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, खासकर सोयाबीन की बड़े पैमाने पर खरीद की प्रतिबद्धता जताई है। ट्रम्प ने कहा, "यह डील तुरंत लागू हो जाएगी। शी जिनपिंग ने सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद पर 'तत्काल' सहमति दी है, जो अमेरिकी किसानों के लिए बड़ी राहत होगी।" यह कदम पिछले कुछ महीनों में बढ़े टैरिफ युद्ध के बाद आया है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया था।इसके अलावा, दोनों नेताओं ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ मटेरियल्स) पर विवाद सुलझाने का ऐलान किया। चीन, जो दुनिया के 90% से अधिक दुर्लभ पृथ्वी का उत्पादन करता है, ने कम से कम एक साल के लिए निर्यात प्रतिबंधों में ढील देने का वादा किया। ट्रम्प ने इसे "दुनिया के लिए बड़ा मुद्दा" बताते हुए कहा, "रेयर अर्थ्स की समस्या अब पूरी तरह ठीक हो गई है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, सोलर पैनल और रक्षा तकनीक के लिए जरूरी है, और अब कोई रुकावट नहीं बचेगी।" यह समझौता अमेरिकी ऑटोमोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टरों में चीनी निवेश बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।हालांकि, चीन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन चीनी राज्य मीडिया ने बताया कि शी जिनपिंग ने ट्रम्प के साथ "व्यापार मुद्दों पर सहमति" की बात कही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक साल का अस्थायी समझौता है, जो लंबे समय के लिए स्थिरता ला सकता है।