उत्तरकाशी में बादल फटने से मची तबाही: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता, धराली गांव में बर्बादी का मंजर.

उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की इस घटना ने प्रकृति की अप्रत्याशित शक्ति को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय निवासियों की आंखों के सामने उनका सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास एक बड़ी चुनौती है। सरकार और प्रशासन की तत्परता के बावजूद, इस त्रासदी ने यह सवाल उठाया है कि क्या हम ऐसी आपदाओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं?

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 6, 2025 • 12:53 AM  28
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उत्तरकाशी में बादल फटने से मची तबाही: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता, धराली गांव में बर्बादी का मंजर.
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6 Aug 2025
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उत्तरकाशी में बादल फटने से मची तबाही: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता, धराली गांव में बर्बादी का मंजर.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में 5 अगस्त 2025 को बादल फटने की भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने गांव को मलबे और सैलाब के हवाले कर दिया। चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई घर, होटल, दुकानें और बाजार पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इस त्रासदी ने न केवल स्थानीय निवासियों की जिंदगियों को उजाड़ दिया, बल्कि चारधाम यात्रा के लिए मशहूर इस क्षेत्र की रौनक को भी मातम में बदल दिया।

चश्मदीदों का दिल दहलाने वाला बयान

धराली गांव की निवासी आस्था पवार ने इस भयानक मंजर को अपनी आंखों से देखा। उन्होंने बीबीसी संवाददाता को बताया, "मैंने अपनी आंखों के सामने होटल और घर बहते देखे। पहली लहर इतनी जोरदार थी कि सब कुछ तहस-नहस हो गया। हर 10-15 मिनट में मलबे की लहरें आ रही थीं, जो बचे हुए ढांचों को भी अपने साथ ले जा रही थीं।" आस्था ने यह भी बताया कि प्रशासन की ओर से कोई पूर्व चेतावनी नहीं दी गई थी। "स्कूल खुले थे, बच्चे पढ़ रहे थे, और गांव वाले एक स्थानीय पूजा की तैयारी में थे। कोई नहीं जानता था कि इतनी बड़ी आपदा आने वाली है।" 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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