वसुंधरा राजे की 'बगावत' या बड़ी साजिश? PM मोदी के भाषण से पहले सोशल मीडिया पर मची खलबली!
"राजस्थान की राजनीति में तब हड़कंप मच गया जब PM मोदी के संबोधन से ठीक पहले वसुंधरा राजे की एक 'सीक्रेट चिट्ठी' वायरल हुई। क्या वाकई मैडम ने बगावत कर दी है या यह विरोधियों की कोई गहरी साजिश है? जानिए वसुंधरा राजे का वो करारा जवाब जिसने पूरे विपक्ष की बोलती बंद कर दी!"
जयपुर: राजस्थान की राजनीति में 'फेक न्यूज़' और 'प्रोपेगेंडा' का एक ऐसा खेल शुरू हुआ है, जिसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खेमे में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। इस पत्र के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि राजे अपनी ही पार्टी की नीतियों के खिलाफ बगावत पर उतारू हैं। हालांकि, वसुंधरा राजे ने त्वरित और कड़ा पलटवार करते हुए इसे विरोधियों की एक "घटिया साजिश" करार दिया है।
क्या था उस 'फर्जी पत्र' में?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस कथित पत्र में दावा किया गया था कि वसुंधरा राजे ने आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पत्र में लिखा गया था कि "पार्टी अपनी दिशा से भटक रही है और महिला आरक्षण व परिसीमन की आड़ में SC, ST और OBC वर्गों के खिलाफ गंभीर राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है।" इस पत्र के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी शुरू हो गई कि क्या राजस्थान की 'महारानी' अब बगावत के मूड में हैं?
वसुंधरा राजे का करारा जवाब: 'साँच को आँच नहीं'
मामले की गंभीरता को देखते हुए वसुंधरा राजे ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वायरल पत्र पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। राजे ने तीखे लहजे में कहा: