अजमेर में मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन हादसा: दो कोच पटरी से उतरे, कई यात्री घायल
अजमेर के दौराई स्टेशन के पास मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन के दो कोच पटरी से उतर गए। एक कोच दूसरे पर चढ़ गया, कई यात्री घायल हुए और एक की मौत की खबर। रेलवे व एनडीआरएफ ने रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला।
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 27, 2025 • 2:45 PM 639
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राजस्थान
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“अजमेर में मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन हादसा: दो कोच पटरी से उतरे, कई यात्री घायल”
अजमेर, 27 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। अजमेर-मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन के दो कोच पटरी से उतर गए, जिसमें एक कोच दूसरे के ऊपर चढ़ गया। इस दुर्घटना में कई यात्री घायल हो गए, जबकि प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार एक कैजुअल्टी भी दर्ज की गई है। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
हादसे का विवरण; हादसा अजमेर के दौराई रेलवे स्टेशन से महज कुछ किलोमीटर दूर गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। अजमेर-मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर 09630) जो अजमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी, अचानक पटरी से उतर गई। ट्रेन के तीसरे और चौथे कोच (जनरल कोच) सबसे अधिक प्रभावित हुए, जहां एक कोच पटरी से फिसलकर दूसरे कोच पर चढ़ गया। यह दृश्य बेहद भयावह था, और ट्रेन की चेन पुलिंग से पूरा इलाका हिल गया।ट्रेन में सवार यात्रियों की संख्या करीब 400 बताई जा रही है, जिसमें अधिकांश स्थानीय ग्रामीण और दैनिक यात्री शामिल थे। हादसे के कारणों की प्रारंभिक जांच में रेलवे अधिकारियों ने पटरी पर पड़ी हुई किसी बाधा या तकनीकी खराबी का संदेह जताया है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। मौसम साफ होने के बावजूद, ट्रेन की गति (लगभग 60 किमी/घंटा) के कारण क्षति अधिक हुई।
घायलों की स्थिति और कैजुअल्टी इस हादसे में कम से कम 15-20 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 8 को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तुरंत अजमेर के जेके लोन अस्पताल और पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद 5 घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि बाकी पर डॉक्टरों की निगरानी बरकरार है। दुर्भाग्य से, एक यात्री की मौत हो गई, जो ट्रेन के प्रभावित कोच में सवार था। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन परिवार को सूचित कर दिया गया है।रेलवे के चिकित्सा विभाग ने मोबाइल एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा किट के साथ त्वरित सहायता प्रदान की। घायलों के परिजनों को मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: रेलवे और एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई हादसे की खबर फैलते ही अजमेर रेलवे डिवीजन के अधिकारी, जिसमें डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) एसके गुप्ता शामिल थे, मौके पर पहुंचे। रेलवे की आपदा प्रबंधन टीम ने क्रेन और कटिंग उपकरणों का उपयोग कर पटरी से उतरे कोचों को हटाना शुरू कर दिया। साथ ही, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 6 सदस्यीय टीम जयपुर से विशेष विमान द्वारा बुलाई गई और दो घंटे के अंदर साइट पर सक्रिय हो गई।एनडीआरएफ के कमांडेंट ने बताया, "हमने घायलों को कोचों से सुरक्षित निकालने के लिए हाईड्रोलिक कटर और लाइफ जैकेट का इस्तेमाल किया। रेस्क्यू कार्य में कोई जान का खतरा नहीं था, लेकिन सावधानी बरती गई।" रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 4 घंटे चला, और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर (1800-111-102) जारी किया, जहां परिजन जानकारी ले सकते हैं।
रेल यातायात पर प्रभाव; हादसे के कारण दिल्ली-मुंबई रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। करीब 5 ट्रेनें रुकी रहीं, जबकि 3 को रूट डायवर्ट किया गया। रेलवे ने अनुमानित समय के अनुसार, रात 8 बजे तक पटरी बहाल करने का लक्ष्य रखा है। यात्रियों को वैकल्पिक बस सुविधा प्रदान की गई है। अजमेर स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन रेलवे पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
अधिकारियों के बयान; अजमेर के कलेक्टर ने कहा, "हादसे में घायलों को पूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देगी।" वहीं, रेल मंत्री के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, "रेलवे पूरी तत्परता से जांच करेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।" स्थानीय सांसद भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की।