NEET री-एग्जाम से 3 दिन पहले बड़ा भंडाफोड़: भीलवाड़ा में अमेरिकी VPN और 'पेपर माफिया' टेलीग्राम चैनल चला रहा छात्र गिरफ्तार, ऐसे करता था ठगी
21 जून को होने वाली NEET UG री-एग्जाम से ठीक तीन दिन पहले राजस्थान के भीलवाड़ा से पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले 19 वर्षीय छात्र आकाश चौधरी को गिरफ्तार किया है।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 19, 2026 • 1:00 PM 5
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राजस्थान
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19 Jun 2026
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21 जून 2026 को होने वाली NEET UG री-एग्जाम से ठीक तीन दिन पहले राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने परीक्षा का फर्जी पेपर बेचने के आरोप में 19 साल के एक स्टूडेंट आकाश चौधरी को गिरफ्तार किया है। दिल्ली से मिले इनपुट और भारत सरकार के सीक्रेट पोर्टल की सूचना पर पुलिस ने गुरुवार (18 जून) देर रात 1 बजे आरोपी को उसके घर से दबोचा।
यह कार्रवाई इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आरोपी देश में बैन हो चुके टेलीग्राम एप को अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए चला रहा था।
नीट की किताब स्कैन कर बनाता था 'फर्जी पेपर', 4-4 हजार में डील
प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि जयपुर में रहकर कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा आरोपी आकाश चौधरी सोशल मीडिया पर शातिराना तरीके से ठगी का जाल बुन रहा था:
'पेपर माफिया' चैनल: आरोपी ने टेलीग्राम पर 'पेपर माफिया' नाम से एक चैनल बना रखा था, जिसमें 52 मेंबर्स जुड़े हुए थे।
किताब से डमी पेपर तैयार करना: आरोपी नीट की ही एक किताब के पन्नों को स्कैन करता था और उन्हें इस तरह एडिट करता था कि वो असली प्रश्नपत्र जैसा दिखे। इसके बाद वह इसे 'लीक पेपर' बताकर छात्रों को भेजता था।
QR कोड से पेमेंट: वह प्रति छात्र 4,000 रुपए में फर्जी पेपर का सौदा करता था और पैसे सीधे क्यूआर (QR) कोड भेजकर अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, नीट की किताब और कई दस्तावेज जब्त किए हैं।
भारत सरकार के 'एस-मेक' पोर्टल से खुला राज
इस शातिर ठग को पकड़ने में तकनीक और खुफिया इनपुट्स की बड़ी भूमिका रही। भारत सरकार के एस-मेक (S-MAC) पोर्टल के माध्यम से भीलवाड़ा एसपी कार्यालय की विशेष शाखा और जिला विशेष टीम (DST) को इनपुट मिला था कि पटेल नगर विस्तार में रहने वाला एक युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट का फर्जी पेपर बेच रहा है। पुलिस ने जब देर रात दबिश दी, तो आरोपी रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी मूल रूप से चूरू के रावतसर का रहने वाला है, जिसका परिवार 25 साल से भीलवाड़ा में रह रहा है। वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा आया था।
देश में पहली बार पेपर लीक के डर से टेलीग्राम एप पूरी तरह बैन
इस मामले का एक और बड़ा पहलू यह है कि देश में पहली बार किसी मोबाइल एप्लीकेशन को पेपर लीक की अफवाहों और ठगी के कारण पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
प्ले स्टोर से हटा ऐप: सरकार के सख्त आदेश के बाद गूगल और एप्पल ने अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया है।
महानिदेशक का बयान: NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने साफ किया कि जालसाज इस ऐप का बहुत ज्यादा दुरुपयोग कर रहे थे, इसलिए सरकार के पास इसे बैन करने के अलावा 'कोई विकल्प' नहीं बचा था।
30 जून तक पाबंदी: टेलीग्राम पर यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहेगा, जबकि इसका 'मैसेज-एडिटिंग' फीचर 30 जून तक ब्लॉक किया गया है।
3 मई को रद्द हुई थी मुख्य परीक्षा
आपको याद दिला दें कि 3 मई 2026 को देशभर में आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद NTA ने 12 मई को मुख्य परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसके बाद अब 21 जून को दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराई जा रही है।
निष्कर्ष: पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
प्रताप नगर थाना पुलिस ने आरोपी आकाश के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस उसके मोबाइल डेटा और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश भर में वह कितने छात्रों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका था और इस 'पेपर माफिया' नेटवर्क के पीछे जयपुर या भीलवाड़ा के और कौन से चेहरे शामिल हैं।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
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