अजमेर में बिजनेसमैन के बेटे से मारपीट का मामला: NSUI कार्यकर्ताओं का मयूर स्कूल पर जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की, टायर जलाए

अजमेर के मयूर स्कूल में बिजनेसमैन के बेटे के साथ मारपीट के मामले में NSUI कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर जोरदार हंगामा किया। गेट पर चढ़कर अंदर घुसने की कोशिश की, पुलिस से धक्कामुक्की हुई और टायर जलाकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 19, 2025 • 4:03 PM  37
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राजस्थान
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अजमेर में बिजनेसमैन के बेटे से मारपीट का मामला: NSUI कार्यकर्ताओं का मयूर स्कूल पर जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की, टायर जलाए
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19 Nov 2025
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अजमेर में बिजनेसमैन के बेटे से मारपीट का मामला: NSUI कार्यकर्ताओं का मयूर स्कूल पर जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की, टायर जलाए

अजमेर, 19 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर शहर में एक निजी स्कूल में बिजनेसमैन के बेटे के साथ कथित मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने मयूर स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ता स्कूल के अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आए, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। घटना के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर टायर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में कर लिया है, लेकिन मामला अभी भी गरमाया हुआ है।

घटना का पूरा विवरण;  जानकारी के अनुसार, अजमेर के एक प्रमुख बिजनेसमैन के 10-12 वर्षीय बेटे को मयूर स्कूल में कुछ अन्य छात्रों या स्कूल स्टाफ द्वारा बुरी तरह पीटा गया। परिवार का आरोप है कि बच्चे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसमें चोटें, गालियां और अपमानजनक व्यवहार शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार ने स्कूल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उल्टे, स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिवार को धमकियां तक दीं।इस अन्याय के खिलाफ NSUI के स्थानीय कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। दोपहर करीब 2 बजे दर्जनों की संख्या में NSUI सदस्य मयूर स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंचे। उनके हाथों में बैनर, पोस्टर और नारे लगाने वाले प्लेकार्ड थे, जिन पर लिखा था – "स्कूल प्रशासन माफ न करे, बच्चे को न्याय दो", "मारपीट के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो" और "NSUI साथ है, अन्याय सहन नहीं"। प्रदर्शन की शुरुआत होते ही कार्यकर्ता स्कूल के गेट पर चढ़ने लगे और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। उनका मकसद स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजमेंट से सीधे बात करना था।

पुलिस से टकराव: धक्कामुक्की और टायर जलाने का हंगामा स्कूल प्रशासन की ओर से गेट बंद कर दिए जाने और कोई प्रतिनिधि न आने पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। वे गेट के ऊपर चढ़कर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल को सूचना मिली और थोड़ी ही देर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन बातचीत के बजाय धक्कामुक्की शुरू हो गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकीं, जबकि पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेला।हंगामा बढ़ता देख आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे खड़े वाहनों से टायर निकालकर आग लगा दी। धुंधला धुआं और तेज नारों से आसपास का इलाका गुंजायमान हो गया। प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक भी कुछ देर के लिए बाधित हो गया, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। लगभग आधे घंटे चले इस हंगामे के बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्यकर्ताओं को शांत किया। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन NSUI नेताओं को थाने बुलाकर समझाइश दी गई।

NSUI नेता का बयान: "परिवार की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं" प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI के जिला सचिव अंकित घारू ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह बेहद दर्दनाक घटना है। एक बिजनेसमैन का बच्चा हो या किसी गरीब का, स्कूल जैसी पवित्र जगह पर मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परिवार ने कई बार स्कूल प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन उन्होंने इसे हल्के में लिया। न तो दोषी छात्रों पर कोई एक्शन लिया गया, न ही माता-पिता को बुलाया गया। हम स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित बच्चे को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग करते हैं। अगर प्रशासन नहीं चेता, तो हमारा आंदोलन और तेज होगा।"अंकित घारू ने आगे बताया कि पीड़ित परिवार NSUI से जुड़ा हुआ है और यूनियन हमेशा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए खड़ी रहती है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग से भी हस्तक्षेप की अपील की है।

परिवार का दर्द: बिजनेसमैन पिता की अपील पीड़ित बच्चे के पिता, जो अजमेर के एक बड़े व्यापारी हैं, ने अपनी व्यथा मीडिया के सामने रखी। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा स्कूल से रोते हुए घर लौटा। उसके शरीर पर निशान थे और दिमाग में डर बैठ गया है। हमने स्कूल को सबूत दिए, लेकिन वे मामले को रफा-दफा करने पर तुले हैं। मेरे बच्चे का भविष्य दांव पर है। हम न्याय चाहते हैं, न कि बदला।" परिवार ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

प्रशासनिक पक्ष: स्कूल की चुप्पी और पुलिस की रिपोर्ट मयूर स्कूल प्रशासन ने घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। स्कूल के गेट पर ताले लटके रहे और कोई जिम्मेदार व्यक्ति बाहर नहीं आया। दूसरी ओर, अजमेर पुलिस के एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में है और जांच चल रही है। "हम दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं। अगर मारपीट की पुष्टि हुई, तो सख्त कार्रवाई होगी। प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात है," उन्होंने कहा।

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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