बांग्लादेश में आम चुनाव की तारीख घोषित: 12 फरवरी 2026 को मतदान, शेख हसीना की अवामी लीग पर पूरी तरह प्रतिबंध
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 के तख्तापलट के डेढ़ साल बाद 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होंगे। शेख हसीना की अवामी लीग पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकेगी। उसी दिन ‘जुलाई चार्टर’ नामक संवैधानिक सुधार प्रस्ताव पर भी जनमत संग्रह होगा, जिसमें PM की सत्ता सीमित करने और ऊपरी सदन बनाने जैसे बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं।
बांग्लादेश में लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार आम चुनाव की तारीख तय हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरउद्दीन ने गुरुवार शाम को ऐलान किया कि देश में अगले साल 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होंगे। यह चुनाव 5 अगस्त 2024 को हुए छात्र आंदोलन जनित तख्तापलट के ठीक डेढ़ साल बाद हो रहा है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत भागना पड़ा था।तब से देश में नोबेल विजेता प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता में है। यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इसमें देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी अवामी लीग पूरी तरह बाहर रहेगी।
अवामी लीग क्यों नहीं लड़ पाएगी चुनाव? मई 2025 में बांग्लादेश चुनाव आयोग ने अवामी लीग का पंजीकरण ही निलंबित कर दिया था। पार्टी पर "राजनीतिक गतिविधियाँ करने, चुनाव लड़ने और प्रचार करने" की पूरी तरह रोक लगा दी गई है।पार्टी के सैकड़ों शीर्ष नेता या तो जेल में हैं या देश से बाहर हैं। कई पर हत्या, भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं।अंतरिम सरकार ने इसे "फासीवादी पार्टी" करार देते हुए इसे भंग करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रखी है।इसका मतलब यह हुआ कि शेख हसीना की 50 साल पुरानी पार्टी, जिसने 2009 से 2024 तक लगातार सत्ता में रहकर देश पर एकछत्र राज किया, अब आधिकारिक रूप से राजनीतिक मैदान से बाहर है।