राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का बड़ा बयान: ‘साधुओं की हत्या के बाद संतों ने इंदिरा गांधी को श्राप दिया था’
पाली के सादड़ी में आयोजित नागेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि 1966 के गौरक्षा आंदोलन में साधुओं की मौत के बाद संत समाज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार को पाली जिले के सादड़ी में आयोजित नागेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गौरक्षा आंदोलन के दौरान साधुओं की मौत के बाद संत समाज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था और बाद में वही सच साबित हुआ।
राज्यपाल बागड़े ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में 6 नवंबर 1966 को संसद के बाहर एक बड़ा गौरक्षा आंदोलन हुआ था। उस समय गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने का वादा पूरा नहीं होने के विरोध में देशभर से साधु-संत और गौभक्त आंदोलन में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। इस घटना से आहत संत समाज ने तत्कालीन सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। राज्यपाल के अनुसार, स्वामी करपात्री जी महाराज ने कहा था कि "साधुओं की जैसी हत्या हुई है, वैसे ही रास्ते से आपका भी अंत होगा।"