बाड़मेर: थार गाड़ी से दो भाइयों का अपहरण, 10 लाख की फिरौती मांगी; 16 दिन बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया
बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में 28 नवंबर को सिल्वर थार गाड़ी से दो सगे भाइयों का अपहरण किया गया। आरोपियों ने मारपीट कर एक भाई को रास्ते में छोड़ दिया और दूसरे के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। 16 दिन बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज अपहरण की घटना सामने आई है। 28 नवंबर की रात को सिल्वर कलर की थार जीप में आए बदमाशों ने दो सगे भाइयों का अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की, एक भाई को सुनसान जगह पर बीच रास्ते में छोड़ दिया और दूसरे भाई को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। यदि पैसे नहीं दिए गए तो जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के 16 दिन बाद धोरीमन्ना पुलिस ने कड़ी मेहनत से मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
घटना का विवरण पुलिस के अनुसार, सेड़वा रोहिला पश्चिमी निवासी भीखाराम के पुत्र बुधराम और नरेश (दोनों सगे भाई) गोड़ा धोरीमन्ना में रहते हैं। 28 नवंबर 2025 की रात करीब 8 बजे दोनों भाई स्वरूप कैफे के पास से मुख्य बाजार की ओर पैदल जा रहे थे। तभी पीछे से एक सिल्वर कलर की थार जीप आई। इसमें सवार बदमाशों ने पहले से योजना बनाकर दोनों भाइयों पर हमला किया और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर लिया।अपहरण के बाद आरोपियों ने दोनों भाइयों के साथ बुरी तरह मारपीट की। नरेश को एक सुनसान जगह पर बीच रास्ते में पटककर छोड़ दिया गया। जबकि बुधराम को अपने साथ ले जाते हुए आरोपियों ने परिवार वालों से फोन पर संपर्क किया और कहा, "हम बुधराम को अपने साथ ले जा रहे हैं। उसे छोड़ने के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती चाहिए। अगर पैसे नहीं दिए तो उसे जान से मार देंगे।"परिवार में इस घटना से हड़कंप मच गया। अगले दिन 29 नवंबर को पीड़ित परिवार ने धोरीमन्ना थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच और कार्रवाई धोरीमन्ना पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच और सूचनाओं के आधार पर पता चला कि आरोपी जैसलमेर की ओर भागे हैं। पुलिस टीमों ने लगातार पीछा किया, जिसके दबाव में आरोपियों ने बुधराम को जैसलमेर क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। बुधराम किसी तरह सकुशल घर लौट आया।पुलिस की अथक मेहनत से मामले का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी श्रीराम पुत्र वीरमाराम (निवासी सोनड़ी, सेड़वा) ने पूरी साजिश रची थी।