फायर सिस्टम फेल, सायरन बंद... क्या भगवान भरोसे है हजारों श्रद्धालुओं की जान?
जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान मंदिर के फायर फाइटिंग सिस्टम और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं की बड़ी खामियां उजागर हुईं। जानिए प्रशासन ने क्या कहा।
शहर के आराध्य देव माने जाने वाले प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर (Govind Devji Temple) परिसर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक भगदड़ की सूचना फैली। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे हुए इस घटनाक्रम से दर्शनार्थियों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब पौन घंटे तक मोर्चा संभाला। हालांकि, कुछ देर बाद जब श्रद्धालुओं को पता चला कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि एक मॉक ड्रिल (Mock Drill) थी, तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।
मॉक ड्रिल में खुली पोल: फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह फेल
एडीएम साउथ (ADM South) युगांतर शर्मा के नेतृत्व में करीब ढाई घंटे तक चली इस मॉक ड्रिल ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मंदिर प्रशासन के पास फायर एनओसी (Fire NOC) तक नहीं है।
