AIIMS की चेतावनी: हेपेटाइटिस तो काबू में आया, लेकिन अब भारत में चुपचाप पैर पसार रही है यह 'साइलेंट' बीमारी!

एम्स (AIIMS) नई दिल्ली के डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है कि भारत में हेपेटाइटिस B और C जैसी बीमारियां भले ही वैक्सीन और बेहतर इलाज से कम हो रही हों, लेकिन खराब जीवनशैली की वजह से 'फैटी लिवर' (Fatty Liver Disease) एक नई साइलेंट महामारी बनकर उभर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय लगभग 38% भारतीय फैटी लिवर से पीड़ित हैं, जिनमें चिंताजनक रूप से 35% बच्चे भी शामिल हैं। लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमने से सूजन आती है, जो आगे चलकर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप ले सकती है। राहत की बात यह है कि शुरुआती स्टेज में सही खान-पान और एक्सरसाइज से फैटी लिवर को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है, लेकिन सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह बीमारी शुरुआत में बिना कोई लक्षण दिखाए चुपचाप लिवर को डैमेज करती रहती है।

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Editor
July 29, 2026 • 12:27 PM  3.5k
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AIIMS की चेतावनी: हेपेटाइटिस तो काबू में आया, लेकिन अब भारत में चुपचाप पैर पसार रही है यह 'साइलेंट' बीमारी!
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AIIMS की चेतावनी: हेपेटाइटिस तो काबू में आया, लेकिन अब भारत में चुपचाप पैर पसार रही है यह 'साइलेंट' बीमारी!

नई दिल्ली: अगर आपको लगता है कि लिवर की बीमारी सिर्फ शराब पीने वालों को होती है, तो एम्स (AIIMS) दिल्ली के डॉक्टरों की यह रिपोर्ट आपकी सोच बदल देगी। एम्स के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि भारत में अब हेपेटाइटिस B और C जैसी बीमारियां वैक्सीन और बेहतर इलाज से कम हो रही हैं, लेकिन फैटी लिवर (Fatty Liver) की बीमारी एक नई महामारी का रूप ले रही है।

AIIMS रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े

फैटी लिवर कैसे बनता है जानलेवा?

जब लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो उसमें सूजन आने लगती है। डॉक्टर इसे स्टीटोहेपेटाइटिस (Steatohepatitis) कहते हैं। अगर सही समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह फैटी लिवर आगे चलकर सिरोसिस (Cirrhosis) और लिवर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी में बदल सकता है।

बीमारियों में क्या अंतर है?

  • हेपेटाइटिस A और E: दूषित खाने व पानी से होता है और कुछ समय में ठीक हो जाता है।

  • हेपेटाइटिस B और C: वायरल संक्रमण है, जिसका अब टीका और इलाज उपलब्ध है।

  • फैटी लिवर: खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान से होता है।

अच्छी खबर: फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में बिना किसी भारी दवा के, सिर्फ सही खान-पान और एक्सरसाइज से पूरी तरह ठीक (Reverse) किया जा सकता है।

लेकिन असली खतरा क्या है? फैटी लिवर की सबसे डरावनी बात यह है कि शुरुआती दिनों में इसके कोई लक्षण या दर्द महसूस नहीं होता। जब तक मरीज को अहसास होता है, तब तक लिवर को भारी नुकसान पहुंच चुका होता है।

तो क्या आपकी रोजमर्रा की आदतें भी आपके लिवर को चुपचाप नुकसान पहुंचा रही हैं? आज ही अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना शुरू करें।

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