राजस्थान के 611 सरकारी स्कूल बिना भवन के, बगरू में बदहाली देखने गई टीम पर हमला
जयपुर के बगरू में एक गौशाला में चल रहे जर्जर सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गई CJP टीम पर हमला हुआ है। इस घटना और हालिया सरकारी आंकड़ों ने राजस्थान की चरमराती शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहां सैकड़ों स्कूल बिना भवन, शौचालय और पेयजल सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं और इसे लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।
राजधानी जयपुर के पास बगरू में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम पर उस वक्त हमला कर दिया गया, जब वे एक सरकारी स्कूल की बदहाली का निरीक्षण करने जा रहे थे। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रंका के नेतृत्व में यह टीम इस आरोप की जमीनी हकीकत जानने पहुंची थी कि एक सरकारी स्कूल को गौशाला (तबेले) से संचालित किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि पिछले साल इस स्कूल के मुख्य भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित कर बंद कर दिया गया था। इसके बाद छात्रों को पास ही के एक अस्थायी बाड़े में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां कथित तौर पर भैंसें बांधी जाती हैं। इससे पहले 14 अगस्त को भी रंका ने अलवर के एक स्कूल का दौरा किया था, जहां एक खाली कमरे की छत ढहने के बाद छात्रों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था।
सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे की जमीनी हकीकत
बगरू का यह स्कूल राज्य में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा इकलौता स्कूल नहीं है। नेता प्रतिपक्ष (LoP) टीकाराम जूली के एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान (UDISE 2025-26) के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं: