सावन पूर्णिमा पर लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल और राखी बांधने पर क्या होगा असर

28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। जानें भारत में इसका समय, सूतक काल और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर इसका क्या असर पड़ेगा।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 23, 2026 • 12:19 PM  291
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सावन पूर्णिमा पर लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल और राखी बांधने पर क्या होगा असर
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23 Aug 2026
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सावन पूर्णिमा पर लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल और राखी बांधने पर क्या होगा असर

अगस्त 2026 का महीना खगोलीय घटनाओं और धार्मिक नजरिए से बेहद खास होने वाला है। 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खास बात यह है कि इसी दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक 'रक्षाबंधन' भी है और इसी दिन पवित्र अमरनाथ यात्रा का समापन भी होगा। आइए जानते हैं कि इस ग्रहण का समय क्या होगा और क्या इसका असर रक्षाबंधन के त्योहार पर पड़ेगा।

क्या रक्षाबंधन के त्योहार पर पड़ेगा ग्रहण का असर?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या चंद्र ग्रहण की वजह से राखी बांधने में कोई अड़चन आएगी? इसका सीधा जवाब है- नहीं।

कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो ग्रहण दिखाई नहीं देता, उसका सूतक काल भी मान्य नहीं होता है। इसलिए इस ग्रहण का कोई भी सूतक काल नहीं लगेगा। बहनें बिना किसी संशय या डर के शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। त्योहार के दिन पूजा-पाठ, मंदिर जाने या भोजन करने पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।

भारत में चंद्र ग्रहण का समय

भारतीय समयानुसार (IST) इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट की होगी:

  • ग्रहण की शुरुआत: सुबह 8 बजकर 04 मिनट पर

  • ग्रहण का मध्य काल: सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर

  • ग्रहण का समापन: सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर

चूंकि जिस समय यह ग्रहण लगेगा, उस वक्त भारत में सुबह हो चुकी होगी, इसलिए भारत से इस ग्रहण का चरम रूप नहीं देखा जा सकेगा। हालांकि, कुछ हिस्सों में सूर्योदय से ठीक पहले क्षितिज के पास इसका अंतिम आंशिक चरण देखा जा सकता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें? 

भले ही सूतक काल मान्य न हो, लेकिन धार्मिक दृष्टि से ग्रहण के समय कुछ सात्विक कार्य करना बेहद शुभ माना गया है:

  • ईश्वर का ध्यान: ग्रहण के समय मन को शांत रखें और अपने इष्ट देवता का स्मरण करें।

  • मंत्र जाप: इस दौरान भगवान शिव, विष्णु जी के मंत्रों, महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करने से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

  • दान-पुण्य: ग्रहण खत्म होने के बाद चंद्रमा से जुड़ी सफेद चीजों (जैसे- चावल, दूध, दही और सफेद वस्त्र) का दान करना बहुत फलदायी माना जाता है।

कैसा नजर आएगा चंद्रमा? (डीप पार्शियल चंद्र ग्रहण)

यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि एक 'डीप पार्शियल चंद्र ग्रहण' (आंशिक चंद्र ग्रहण) है। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा का लगभग 96% हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया से ढंक जाएगा। इससे चंद्रमा का रंग लाल या तांबे जैसा नजर आने लगेगा। हालांकि, इसे 'ब्लड मून' (Blood Moon) कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा, क्योंकि पूर्ण चंद्र ग्रहण की तरह यह पूरी तरह से छाया में नहीं आएगा, बल्कि इसका कुछ हिस्सा रोशन रहेगा।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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