बाड़मेर शिविर में लापरवाही: पशुपालकों को दीं एक्सपायरी दवाएं, शिकायत पर मची अफरा-तफरी

बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी ब्लॉक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर में पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों को एक्सपायरी और फंगस लगी दवाएं बांट दीं। एक पशुपालक की शिकायत पर अधिकारियों ने दवाएं वापस मंगवाईं। विभाग ने इसे मानवीय भूल बताया, जबकि बीडीओ ने जांच के आदेश दिए।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 5, 2025 • 7:36 PM  27
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बाड़मेर शिविर में लापरवाही: पशुपालकों को दीं एक्सपायरी दवाएं, शिकायत पर मची अफरा-तफरी
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बाड़मेर शिविर में लापरवाही: पशुपालकों को दीं एक्सपायरी दवाएं, शिकायत पर मची अफरा-तफरी

बाड़मेर, राजस्थान: राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर में पशु चिकित्सा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी ब्लॉक की नया नगर ग्राम पंचायत में आयोजित इस शिविर में पशुपालकों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, लेकिन इनमें से कई दवाएं एक्सपायरी डेट की और फंगस लगी हुई थीं। एक पशुपालक की शिकायत के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और दवाएं वापस मंगवाने की कवायद शुरू की गई।

शिविर में क्या हुआ?

पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का आयोजन राजस्थान सरकार द्वारा बाड़मेर सहित पूरे प्रदेश में 24 जून से 9 जुलाई 2025 तक किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। नया नगर ग्राम पंचायत में शनिवार को आयोजित इस शिविर में 16 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए मुफ्त दवाइयां दी गईं। हालांकि, एक पशुपालक ने घर पहुंचने के बाद दवाओं की जांच की तो पाया कि दी गई दवाएं न केवल एक्सपायरी डेट की थीं, बल्कि कुछ पर फंगस भी लगा हुआ था। इस पशुपालक ने तुरंत शिविर में वापस जाकर शिविर प्रभारी और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत सुनते ही अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में अन्य पशुपालकों से दवाएं वापस मंगवाने के लिए फोन किए गए और शिविर में दवाओं का वितरण तत्काल रोक दिया गया। एक्सपायरी डेट के कार्टन को भी हटा लिया गया।

 पशु चिकित्सा विभाग

पशुधन सहायक जितेंद्र यादव ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा, "विभाग में प्रोटोकॉल है कि एक्सपायरी डेट की या फंगस लगी दवाओं को कार्टन में पैक कर बाड़मेर के हेड ऑफिस भेजा जाता है। इस बार गलती से एक ऐसा कार्टन शिविर में आ गया, जिसमें एक्सपायरी और फंगस लगी दवाएं थीं। यह मानवीय भूल थी।" उन्होंने दावा किया कि गलती का पता चलते ही दवाएं वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

BDO का बयान

गुड़ामालानी के बीडीओ नवलाराम चौधरी ने कहा, "पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुओं के लिए दवाइयां वितरित की जाती हैं। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गलती से एक्सपायरी डेट का कार्टन शिविर में आ गया, जो बाड़मेर ऑफिस में जमा करना था। हमने अधिकारियों को पाबंद किया है कि सभी दवाएं वापस ली जाएं। इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

"शिविर का उद्देश्य और लापरवाही का प्रभाव

पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बाड़मेर जैसे क्षेत्र, जहां पशुपालन आजीविका का प्रमुख स्रोत है, वहां ऐसी लापरवाही न केवल विश्वास को ठेस पहुंचाती है, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। इस घटना ने पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

आगे की कार्रवाई

बीडीओ ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहन जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। पशुपालकों ने मांग की है कि विभाग दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करे और ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर किया

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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