"भगवान के स्वरूप NSUI कार्यकर्ता, छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए निकाली अनोखी चेतना यात्रा"

जोधपुर में NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर सर्किट हाउस से जिला कलेक्ट्रेट तक 'छात्र चेतना यात्रा' निकाली। भगवान के स्वरूप में अनोखा प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने शांतिपूर्ण रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 22, 2025 • 6:33 PM  25
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राजस्थान
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"भगवान के स्वरूप NSUI कार्यकर्ता, छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए निकाली अनोखी चेतना यात्रा"
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22 Jul 2025
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"भगवान के स्वरूप NSUI कार्यकर्ता, छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए निकाली अनोखी चेतना यात्रा"

जोधपुर, 22 जुलाई 2025: जोधपुर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के छात्र नेता महेंद्र चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर एक अनोखा और रचनात्मक प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से जिला कलेक्ट्रेट तक 'छात्र चेतना यात्रा' के तहत निकाली गई रैली में छात्रों ने सनातन धर्म के देवताओं के स्वरूप धारण कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का अनूठा तरीका अपनाया। इस शांतिपूर्ण रैली के माध्यम से छात्रों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को दोहराया।

प्रदर्शन का अनोखा अंदाज: भगवान के स्वरूप में मांग

छात्र चेतना यात्रा का यह प्रदर्शन अपनी रचनात्मकता के लिए चर्चा में रहा। छात्रों ने भगवान के स्वरूप में सज-धजकर और सनातन धर्म की भावना को दर्शाते हुए अपनी मांगों को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था, "अगर सरकार छात्रों की बात नहीं सुनती, तो भगवान की बात तो जरूर सुनेगी।" इस अनोखे अंदाज ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि सोशल मीडिया और मीडिया में भी खूब सुर्खियां बटोरीं। रैली में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए, जिन्होंने बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रसंघ चुनाव को लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में बहाल करने की मांग की। 

रैली का सफर: सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट तक

छात्र चेतना यात्रा सर्किट हाउस से शुरू हुई और शांतिपूर्ण तरीके से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। इस दौरान छात्रों ने गांधीवादी तरीके से अपनी मांगों को रखा और कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि राजस्थान में लंबे समय से रुके हुए छात्रसंघ चुनावों को तत्काल बहाल किया जाए, क्योंकि यह छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने जोर देकर कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं को नेतृत्व और सवाल उठाने की ताकत देते हैं, जिसे सरकार द्वारा दबाया जा रहा है।

छात्रों का गुस्सा: "लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा"

NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, "छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। यह न केवल छात्रों को उनकी आवाज उठाने का मंच देता है, बल्कि नए नेतृत्व को उभरने का अवसर भी प्रदान करता है। सरकार इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दबाकर युवाओं के अधिकारों का हनन कर रही है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो NSUI पूरे राजस्थान में और बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगा। 

 छात्रों का कहना है कि राजस्थान में पिछले तीन साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण छात्रों में भारी नाराजगी है। JNVU में हाल ही में फीस वृद्धि के खिलाफ भी NSUI ने प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और कुछ छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस बार प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और रचनात्मक रखने के लिए छात्रों ने गांधीवादी और सांस्कृतिक तरीके को चुना।

मांगें और चेतावनी

ज्ञापन में छात्रों ने निम्नलिखित मांगें रखीं:

छात्रसंघ चुनाव की तत्काल बहाली: राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। 

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा: छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।

फीस वृद्धि पर रोक: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर फीस वृद्धि का बोझ न डाला जाए।

छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा, "हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती।"

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी सतर्कता बरती। रैली शांतिपूर्ण रही, और पुलिस ने किसी भी तरह के बल प्रयोग से परहेज किया। कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन सौंपने के बाद छात्रों ने अपनी रैली समाप्त की, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यह केवल शुरुआत है। 

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पिछले कुछ वर्षों से रुके हुए हैं, जिसके कारण छात्र संगठनों, खासकर NSUI और ABVP, में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। NSUI का आरोप है कि बीजेपी सरकार छात्र राजनीति को दबाना चाहती है ताकि नए युवा नेता उभरकर सामने न आएं। दूसरी ओर, कुछ बीजेपी नेताओं, जैसे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह चौहान, ने भी हाल ही में छात्रसंघ चुनाव कराने की वकालत की है। उच्च शिक्षा विभाग ने 2024-25 के लिए कैलेंडर में छात्रसंघ चुनाव शामिल किए हैं, जिससे अगस्त 2025 में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

जोधपुर में NSUI की छात्र चेतना यात्रा ने अपने अनोखे अंदाज से न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है। भगवान के स्वरूप में प्रदर्शन और गांधीवादी तरीके से रैली निकालकर छात्रों ने अपनी मांगों को रचनात्मक ढंग से रखा। यह प्रदर्शन न केवल छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को बल देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि युवा अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं। अब यह देखना बाकी है कि सरकार इस अनोखे प्रदर्शन के जवाब में क्या कदम उठाती है। 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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