बिहार मतदाता सूची विवाद: तेजस्वी यादव का नाम गायब, मचा सियासी बवाल

तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता को चुनौती देता हूं कि अगर उनमें हिम्मत है, तो बूथ-वाइज डेटा दें और बताएं कि किन लोगों के नाम क्यों हटाए गए। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।”

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 2, 2025 • 2:37 PM  113
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बिहार मतदाता सूची विवाद: तेजस्वी यादव का नाम गायब, मचा सियासी बवाल
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2 Aug 2025
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बिहार मतदाता सूची विवाद: तेजस्वी यादव का नाम गायब, मचा सियासी बवाल

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर और विशिष्ट समुदायों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो आगामी चुनावों से पहले एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।

तेजस्वी का वोटर आईडी विवाद

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाया और स्क्रीन पर प्रदर्शित किया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। उन्होंने अपना EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर सिस्टम में डाला, जिसके परिणाम में “NO RECORDS FOUND” दिखाई दिया। आरजेडी नेता ने निराशा जताते हुए कहा, “बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मेरे आवास पर सत्यापन के लिए आई थीं, फिर भी मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं है। जब मेरा नाम ही नहीं है, तो मेरी पत्नी का नाम कैसे होगा? अब मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा?”

तेजस्वी के दावों ने सियासी हलचल मचा दी है, और विपक्ष ने आगामी चुनावों से पहले मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव आयोग गोदी आयोग बन गया है। यह दबाव में काम कर रहा है और बिना किसी पारदर्शी कारण के करीब 65 लाख मतदाताओं, यानी बिहार के 8.5% मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया है।”

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