बिना मेडिकल डिग्री के सैलून-क्लिनिक में PRP इंजेक्शन से होता था जानलेवा ब्यूटी ट्रीटमेंट.

जयपुर में बिना मेडिकल डिग्री के सैलून और ब्यूटी क्लिनिक में PRP इंजेक्शन के जरिए खूबसूरती बढ़ाने का खतरनाक खेल उजागर हुआ है। अयोग्य लोग सोशल मीडिया रील्स के जरिए इन ट्रीटमेंट्स का प्रचार कर रहे हैं, जो त्वचा में इंफेक्शन, एलर्जी और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है। प्रशासन ने अवैध क्लिनिक्स पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन जागरूकता और सख्ती की जरूरत है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
August 24, 2025 • 12:51 PM  16
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बिना मेडिकल डिग्री के सैलून-क्लिनिक में PRP इंजेक्शन से होता था जानलेवा ब्यूटी ट्रीटमेंट.
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बिना मेडिकल डिग्री के सैलून-क्लिनिक में PRP इंजेक्शन से होता था जानलेवा ब्यूटी ट्रीटमेंट.

जयपुर, राजस्थान की राजधानी, जहां सौंदर्य और संस्कृति का अनूठा संगम है, वहां अब खूबसूरती बढ़ाने के नाम पर एक खतरनाक खेल उजागर हुआ है। बिना किसी मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण के सैलून और ब्यूटी क्लिनिक में इंजेक्शनों के जरिए त्वचा को निखारने का दावा किया जा रहा है। खासतौर पर प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (PRP) ट्रीटमेंट, जो चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता मांगता है, को बिना योग्यता के लोग आम लोगों पर आजमा रहे हैं। यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर रहा है।

क्या है PRP ट्रीटमेंट और क्यों है यह खतरनाक?

PRP ट्रीटमेंट एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें मरीज के खून से प्लेटलेट्स को अलग कर उसे त्वचा या बालों की समस्याओं के इलाज के लिए इंजेक्शन के रूप में उपयोग किया जाता है। यह ट्रीटमेंट त्वचा को जवां बनाने, झुर्रियां कम करने और बालों के झड़ने को रोकने के लिए किया जाता है। लेकिन यह प्रक्रिया केवल प्रशिक्षित डर्मेटोलॉजिस्ट या मेडिकल प्रोफेशनल्स द्वारा ही की जानी चाहिए, क्योंकि इसमें सही तकनीक, स्वच्छता और विशेषज्ञता की जरूरत होती है। गलत तरीके से किया गया PRP ट्रीटमेंट गंभीर इंफेक्शन, त्वचा को नुकसान, या अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।

जयपुर में कैसे चल रहा है यह अवैध खेल?

जयपुर के कई सैलून और ब्यूटी क्लिनिक में बिना मेडिकल डिग्री के लोग PRP जैसे जटिल ट्रीटमेंट कर रहे हैं। एक चौंकाने वाले खुलासे में, कुछ युवतियां, जिनके पास कोई औपचारिक मेडिकल प्रशिक्षण नहीं है, सोशल मीडिया पर अपनी रील्स के जरिए इन ट्रीटमेंट्स का प्रचार कर रही हैं। एक ऐसी ही रील में, एक युवती खून से निकाले गए प्लाज्मा का इंजेक्शन हाथ में लिए त्वचा में चुभोते हुए दिखती है और दावा करती है कि वह 18 साल की उम्र से यह काम कर रही है। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी है।ऐसे सैलून और क्लिनिक्स में न तो स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है और न ही उपकरणों को सही तरीके से स्टरलाइज किया जाता है। बिना लाइसेंस और अनुभव के लोग इंजेक्शन लगाकर त्वचा में इंफेक्शन, एलर्जी, या स्थायी नुकसान का खतरा बढ़ा रहे हैं। कुछ मामलों में, एक्सपायरी दवाइयों और इंजेक्शनों का इस्तेमाल भी सामने आया है, जैसा कि अजमेर में एक फर्जी क्लिनिक के खिलाफ कार्रवाई में देखा गया, जहां 20 साल से बिना लाइसेंस के इलाज किया जा रहा था।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि PRP ट्रीटमेंट एक जटिल प्रक्रिया है, जिसके लिए मेडिकल डिग्री, उचित प्रशिक्षण और लाइसेंस जरूरी है। गैर-प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा यह प्रक्रिया करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, गलत इंजेक्शन लगाने से त्वचा में सूजन, इंफेक्शन, या स्थायी निशान पड़ सकते हैं। साथ ही, अनहाइजेनिक उपकरणों के इस्तेमाल से हेपेटाइटिस जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। 

प्रशासन और कानून की स्थिति

राजस्थान में बिना मेडिकल डिग्री के क्लिनिक चलाने और इलाज करने के खिलाफ सख्त कानून हैं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत, बिना लाइसेंस दवाइयां या इंजेक्शन बेचने या इस्तेमाल करने वालों को सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उदाहरण के लिए, कोटा में एक मामले में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचने वाले को 3 साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना हुआ। इसके अलावा, जोधपुर में एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया गया, जब गलत इंजेक्शन लगाने की शिकायत मिली। 

जयपुर में भी चिकित्सा विभाग ने अवैध क्लिनिक्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। भरतपुर और डीग जिलों में 180 अवैध क्लिनिक्स के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, जहां बिना डिग्री के लोग इलाज कर रहे थे। हालांकि, जयपुर जैसे बड़े शहर में अभी इस तरह की कार्रवाइयों को और तेज करने की जरूरत है।

सोशल मीडिया की भूमिका

सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, इस खतरनाक खेल को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। बिना योग्यता वाले लोग अपनी रील्स के जरिए PRP और अन्य ब्यूटी ट्रीटमेंट्स का प्रचार कर रहे हैं, जिससे अनजान लोग इनके झांसे में आ रहे हैं। सस्ते दामों और त्वरित परिणामों का लालच देकर ये लोग ग्राहकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपा खतरा जानलेवा हो सकता है।

लोगों को क्या करना चाहिए?

सत्यापित करें: किसी भी ब्यूटी ट्रीटमेंट, खासकर PRP जैसे इंजेक्शन-आधारित उपचार के लिए, हमेशा लाइसेंस प्राप्त डर्मेटोलॉजिस्ट या मेडिकल प्रोफेशनल से संपर्क करें। 

क्लिनिक की जांच करें: सुनिश्चित करें कि क्लिनिक के पास वैध लाइसेंस है और वहां स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाता है।

सोशल मीडिया पर सावधानी: इंस्टाग्राम रील्स या अन्य सोशल मीडिया प्रचार पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

शिकायत करें: अगर आपको किसी सैलून या क्लिनिक में अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो स्थानीय चिकित्सा विभाग या पुलिस में शिकायत करें।

जयपुर में खूबसूरती के नाम पर चल रहा यह अवैध खेल न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की सेहत और जान के साथ खिलवाड़ भी है। बिना मेडिकल डिग्री के सैलून और ब्यूटी क्लिनिक में PRP जैसे ट्रीटमेंट्स का चलन एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या है। प्रशासन को इस पर सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि लोगों को इस खतरनाक जाल से बचाया जा सके। साथ ही, आम जनता को भी जागरूक होकर सही और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाओं का चयन करना होगा।

 

Basanti Parmar

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