फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा: बिना मान्यता वाली 'भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी' के डायरेक्टर गिरफ्तार, 7 हजार से ज्यादा संस्थानों को दी फर्जी संबद्धता

राजस्थान पुलिस की SOG ने चेन्नई स्थित भारत सेवक समाज (BSS) यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया, जो बिना किसी सरकारी मान्यता के फर्जी डिग्रियां बांट रही थी। यह यूनिवर्सिटी वॉट्सऐप के जरिए रैकेट चला रही थी और देशभर में 7 हजार से ज्यादा संस्थानों को फर्जी संबद्धता दी थी। फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल मुख्य रूप से फायरमैन और लाइब्रेरियन जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में किया जा रहा था, जिससे हजारों डिग्रियां अब जांच के दायरे में हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
January 7, 2026 • 5:54 PM  310
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राजस्थान
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फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा: बिना मान्यता वाली 'भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी' के डायरेक्टर गिरफ्तार, 7 हजार से ज्यादा संस्थानों को दी फर्जी संबद्धता
“फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा: बिना मान्यता वाली 'भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी' के डायरेक्टर गिरफ्तार, 7 हजार से ज्यादा संस्थानों को दी फर्जी संबद्धता”
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7 Jan 2026
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फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा: बिना मान्यता वाली 'भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी' के डायरेक्टर गिरफ्तार, 7 हजार से ज्यादा संस्थानों को दी फर्जी संबद्धता

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सरकारी नौकरियों में फर्जी डिग्रियों के इस्तेमाल के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चेन्नई स्थित भारत सेवक समाज (BSS) यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। यह यूनिवर्सिटी बिना किसी सरकारी मान्यता (UGC या AICTE से मान्यता नहीं) के चल रही थी और फायरमैन, लाइब्रेरियन जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए फर्जी डिग्रियां बांट रही थी।

गिरफ्तारी और कार्रवाई की डिटेल्स SOG की टीम ने बुधवार को चेन्नई से BSS यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया और उसे जयपुर लाया जा रहा है।राजस्थान के दौसा जिले में संचालित एक संस्थान के संचालक को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।रैकेट मुख्य रूप से वॉट्सऐप ग्रुप्स और मैसेजिंग के जरिए संचालित हो रहा था, जहां उम्मीदवारों को आसानी से डिग्री देने का लालच दिया जाता था।प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह संस्था पूरी तरह अवैध थी – न तो UGC से मान्यता थी, न AICTE से, और न ही कोई वैध रजिस्ट्रेशन।

फर्जीवाड़े का स्केल कितना बड़ा? इस तथाकथित यूनिवर्सिटी ने 100 से ज्यादा प्रोफेशनल कोर्स (डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स) चलाए जा रहे थे।देशभर में 7,000 से अधिक संस्थानों को फर्जी एफिलिएशन (संबद्धता) दी गई थी, जिससे ये संस्थान भी BSS के नाम पर डिग्रियां जारी कर रहे थे।हजारों फर्जी डिग्रियां जारी की गईं, जो अब जांच के दायरे में हैं। इन डिग्रियों का इस्तेमाल मुख्य रूप से राजस्थान की फायरमैन और लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षाओं में किया गया।कई उम्मीदवारों ने इन फर्जी डिग्रियों के आधार पर परीक्षा पास की और नौकरियां भी हासिल की हो सकती हैं, जिसकी गहन जांच चल रही है।

BSS क्या है और क्यों फर्जी? भारत सेवक समाज (Bharat Sevak Samaj - BSS) मूल रूप से 1952 में प्लानिंग कमीशन द्वारा प्रमोटेड एक नेशनल डेवलपमेंट एजेंसी है, जो वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए काम करती है। यह सरकारी स्पॉन्सर्ड है, लेकिन यह कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। BSS के सर्टिफिकेट वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए वैध हो सकते हैं, लेकिन ये डिग्री लेवल के नहीं होते और सरकारी नौकरियों में योग्यता के रूप में मान्य नहीं हैं।हालांकि, चेन्नई वाली यह BSS यूनिवर्सिटी खुद को अलग संस्था बताकर फर्जी तरीके से डिग्रियां बांट रही थी। कई समान नाम वाली फर्जी संस्थाएं पहले भी पकड़ी गई हैं, जो BSS के नाम का दुरुपयोग करती हैं। आधिकारिक BSS की वेबसाइट पर भी फेक सर्टिफिकेट्स के खिलाफ अलर्ट जारी किए जाते हैं।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई SOG अब रैकेट से जुड़े अन्य लोगों, संबद्ध संस्थानों और फर्जी डिग्री धारकों की पहचान कर रही है।पूरे देश में फैले इस नेटवर्क की जांच की जा रही है, क्योंकि 7 हजार संस्थान जुड़े होने से प्रभावित उम्मीदवारों की संख्या बहुत बड़ी हो सकती है।सरकारी भर्तियों में फर्जी डिग्रियों के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ी है – राजस्थान में पहले भी OPJS यूनिवर्सिटी, JS यूनिवर्सिटी, मानव भारती यूनिवर्सिटी जैसे कई फर्जी डिग्री रैकेट पकड़े गए हैं, जहां हजारों डिग्रियां अवैध पाई गईं।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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