हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर रील बनाना पड़ा भारी, बिजली विभाग ने दर्ज किया केस.

बाड़मेर के सेड़वा में सोशल मीडिया रील की सनक ने एक युवक को हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा दिया! झूठी स्पार्किंग की सूचना देकर बिजली बंद करवाकर बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। नतीजा? जोधपुर डिस्कॉम ने लूणाराम सुथार सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करवाया। यूजर्स ने इस खतरनाक हरकत पर सवाल उठाए, क्योंकि ऐसी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था। सेड़वा पुलिस जांच में जुटी है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
August 22, 2025 • 7:20 PM  41
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर रील बनाना पड़ा भारी, बिजली विभाग ने दर्ज किया केस.
“हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर रील बनाना पड़ा भारी, बिजली विभाग ने दर्ज किया केस.”
Favicon
Read more onthekhatak.com
22 Aug 2025
https://thekhatak.com/high-voltage-transformer-reel-barmer-discom-files-case
Google News
Copied
हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर रील बनाना पड़ा भारी, बिजली विभाग ने दर्ज किया केस.

राजस्थान के बाड़मेर जिले के सेड़वा इलाके में सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत में कुछ युवकों ने खतरनाक कदम उठाया, जिसके बाद बिजली विभाग ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामला तब सामने आया जब एक युवक ने हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर रील बनाई और इस दौरान बिजली सप्लाई के साथ छेड़छाड़ भी की। इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने सेड़वा पुलिस थाने में शोभाला दर्शन निवासी लूणाराम सुथार सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

क्या है पूरा मामला?

कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए खतरनाक तरीका अपनाया। उन्होंने डिस्कॉम को झूठी सूचना दी कि शोभाला दर्शन में ट्रांसफॉर्मर से स्पार्किंग हो रही है। इस सूचना के आधार पर बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया। इसके बाद युवकों ने मौके का फायदा उठाकर ट्रांसफॉर्मर और बिजलीघर में घुसकर वीडियो शूट किया। वीडियो में एक युवक ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर खुद को बिजली मिस्त्री बताते हुए उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करता दिखाई दे रहा है, जबकि उसका साथी बिजलीघर के अंदर उपकरणों को छू रहा है। इस वीडियो को YASH KI VINES और YR KI VINES जैसे सोशल मीडिया पेजों पर अपलोड किया गया, जो लाखों फॉलोअर्स वाले पेज हैं।17 अगस्त को वीडियो के वायरल होने के बाद डिस्कॉम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सेड़वा सहायक अभियंता अनिल कुमार विश्नोई ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात कॉलर ने स्पार्किंग की सूचना दी थी, जिसके बाद शटडाउन लिया गया। बाद में कॉलर ने बताया कि सब ठीक हो गया है, और सप्लाई शुरू कर दी गई। लेकिन वीडियो सामने आने पर यह खुलासा हुआ कि यह सब रील बनाने की साजिश थी।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस हरकत की कड़ी निंदा की। कई लोगों ने सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर सवाल उठाए और चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था। यूजर्स ने पूछा कि अगर इस दौरान कोई दुर्घटना हो जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती? इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाए।

पुलिस जांच में जुटी

सेड़वा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खतरनाक हरकत में कितने लोग शामिल थे और क्या इसमें बिजली विभाग के किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी। मुख्य आरोपी लूणाराम सुथार की पहचान हो चुकी है, और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।

रील की सनक और खतरे

यह कोई पहला मामला नहीं हैजब सोशल मीडिया रील बनाने की सनक लोगों को खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर रही हो। हाल के महीनों में रेलवे ट्रैक, हाईवे, और अन्य जोखिम भरे स्थानों पर रील बनाते हुए कई घटनाएं सामने आई हैं। बाड़मेर का यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं।

बिजली विभाग की कार्रवाई

डिस्कॉम ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें और ऐसी खतरनाक हरकतों से बचें।

बाड़मेर के सेड़वा में हुई इस घटना ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और इसके खतरनाक परिणामों को एक बार फिर उजागर किया है। यह समाज के लिए एक सबक है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए जान जोखिम में डालना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं कम होंगी।

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter