ISRO की 2026 की पहली लॉन्चिंग में तीसरे स्टेज में तकनीकी खराबी: PSLV-C62 मिशन फेल, अन्वेषा (EOS-N1) सहित 15+ सैटेलाइट्स का ऑर्बिट में पहुंचना अनिश्चित

ISRO का 2026 का पहला मिशन PSLV-C62 तीसरे स्टेज में तकनीकी गड़बड़ी (रोल रेट डिस्टर्बेंस और फ्लाइट पाथ डेविएशन) के कारण फेल हो गया। DRDO द्वारा विकसित मुख्य सैटेलाइट अन्वेषा (EOS-N1) सहित कुल 16 सैटेलाइट्स (7 भारतीय, 8 विदेशी) को सूर्य-समकालिक कक्षा में नहीं पहुंचाया जा सका। यह PSLV का 2025 के बाद दूसरा तीसरे स्टेज फेलियर है, जिससे रक्षा और कमर्शियल स्पेस सेक्टर को झटका लगा। ISRO ने जांच समिति गठित की है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 12, 2026 • 11:16 AM  226
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ISRO की 2026 की पहली लॉन्चिंग में तीसरे स्टेज में तकनीकी खराबी: PSLV-C62 मिशन फेल, अन्वेषा (EOS-N1) सहित 15+ सैटेलाइट्स का ऑर्बिट में पहुंचना अनिश्चित
“ISRO की 2026 की पहली लॉन्चिंग में तीसरे स्टेज में तकनीकी खराबी: PSLV-C62 मिशन फेल, अन्वेषा (EOS-N1) सहित 15+ सैटेलाइट्स का ऑर्बिट में पहुंचना अनिश्चित”
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12 Jan 2026
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ISRO की 2026 की पहली लॉन्चिंग में तीसरे स्टेज में तकनीकी खराबी: PSLV-C62 मिशन फेल, अन्वेषा (EOS-N1) सहित 15+ सैटेलाइट्स का ऑर्बिट में पहुंचना अनिश्चित

12 जनवरी 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपना साल का पहला मिशन PSLV-C62 लॉन्च किया। यह मिशन PSLV रॉकेट के 64वें उड़ान और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा संचालित 9वां कमर्शियल अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन था। हालांकि, लॉन्च के दौरान तीसरे स्टेज (PS3) में गंभीर तकनीकी समस्या आई, जिसके कारण रॉकेट अपने निर्धारित पथ से भटक गया और सैटेलाइट्स को सूर्य-समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit - SSO) में स्थापित करने में असफल रहा। ISRO ने इसे आधिकारिक रूप से असफल घोषित कर दिया है।

लॉन्च का विवरण और घटनाक्रम

लॉन्च समय: सुबह 10:18 बजे IST (शुरुआती समय 10:17 था, 1.5 मिनट की मामूली देरी हुई)।रॉकेट: PSLV-DL वेरिएंट (दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर के साथ), ऊंचाई 44.4 मीटर, लिफ्ट-ऑफ मास लगभग 260 टन।उद्देश्य: प्राइमरी पेलोड EOS-N1 (कोडनेम अन्वेषा) को लगभग 505-600 किमी की SSO में स्थापित करना, साथ ही 15 को-पैसेंजर सैटेलाइट्स (कुल 16 सैटेलाइट्स) को ऑर्बिट में भेजना।समस्या: पहले और दूसरे स्टेज सामान्य रूप से काम किए, लेकिन तीसरे स्टेज (सॉलिड रॉकेट मोटर) के अंत में "रोल रेट्स में डिस्टर्बेंस" (roll rates disturbance) देखा गया। इससे फ्लाइट पाथ में विचलन हुआ और रॉकेट आवश्यक वेग हासिल नहीं कर सका। ISRO चेयरमैन V. नारायणन ने पुष्टि की कि PS3 फेज के अंत में अधिक डिस्टर्बेंस देखा गया, जिसके बाद फ्लाइट पाथ डेविएशन हुआ। ISRO ने तुरंत एक विस्तृत विश्लेषण समिति गठित कर दी है। यह 2025 में PSLV-C61 मिशन की तीसरे स्टेज फेलियर के बाद PSLV का पहला रिटर्न-टू-फ्लाइट था, जो अब लगातार दूसरी बार तीसरे स्टेज समस्या से प्रभावित हुआ है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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