गेहूं और चावल का रिकॉर्ड स्टॉक: बंपर पैदावार और सरकारी खरीद से भरे गोदाम
देश में गेहूं और चावल का रिकॉर्ड स्तर पर स्टॉक जमा हो गया है, जिसका मुख्य कारण बंपर पैदावार और सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बड़े पैमाने पर खरीद है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम लगभग भर चुके हैं, जिससे भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि यह स्थिति देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करती है, लेकिन स्टोरेज, वितरण और पुराने स्टॉक के प्रबंधन जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं।
देश में इस समय गेहूं और चावल का रिकॉर्ड स्तर पर स्टॉक जमा हो गया है। लगातार अच्छी पैदावार और सरकार की मजबूत खरीद नीति के चलते भारतीय खाद्य निगम (FCI) और अन्य सरकारी गोदामों में अनाज का भंडार क्षमता के करीब या उससे भी अधिक पहुंच गया है। इससे एक ओर खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं दूसरी ओर भंडारण और प्रबंधन को लेकर चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
बंपर उत्पादन बना मुख्य कारण
पिछले कुछ वर्षों में अनुकूल मौसम, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और किसानों द्वारा उच्च उत्पादकता वाली किस्मों के उपयोग के कारण गेहूं और चावल दोनों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। इसी तरह, खरीफ सीजन में धान की अच्छी फसल ने चावल के स्टॉक को भी तेजी से बढ़ाया है।