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LIVE NOWSonam Wangchuk Protest Update: छात्रों के समर्थन में बढ़ा सियासी दबाव, नवीन पटनायक-संजय सिंह की केंद्र से बड़ी मांग
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को लेकर राजनीतिक समर्थन लगातार बढ़ रहा है। रविवार को कई राजनीतिक नेताओं ने छात्रों की मांगों पर केंद्र सरकार से बातचीत करने और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। वहीं, 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
नवीन पटनायक ने केंद्र से की बातचीत की अपील
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से अपील की कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे छात्रों से सार्थक बातचीत की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अवसर मिलना चाहिए और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
संजय सिंह ने संसद में चर्चा की मांग उठाई
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उन्होंने राज्यसभा सभापति से पेपर लीक और सोनम वांगचुक की मांगों पर संसद में चर्चा कराने का आग्रह किया है।
पत्नी गीतांजलि आंगमो का भावुक लेख
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने एक अखबार में प्रकाशित लेख में कहा कि सोनम कोई सामान्य प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि एक शिक्षक हैं, जिन्होंने वर्षों तक बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा पर काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण यह स्थिति इलाज से ज्यादा नजरबंदी जैसी महसूस हो रही है।
मनीष सिसोदिया भी होंगे प्रदर्शन में शामिल
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का विरोध जता चुके हैं।
CJP का बड़ा दावा
CJP ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ ऐसे लोग पहुंचे हैं जो आंदोलन को भटकाने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन ने समर्थकों से सतर्क रहने और किसी भी भड़काऊ गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
बेंगलुरु में भी हुआ प्रदर्शन
रविवार को बेंगलुरु में भी 100 से अधिक समर्थकों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद तक प्रस्तावित मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करेंगे तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च
इस बीच सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर 20 जुलाई को "आजादी का दूसरा आंदोलन" बताते हुए समर्थकों से संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों और अपनी कथित अवैध हिरासत का भी उल्लेख किया।
Sonam Wangchuk Protest Update: संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन तेज, दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी; बेंगलुरु में भी उतरे समर्थक
Sonam Wangchuk Protest Update: संसद मार्च से पहले बढ़ी हलचल, दिल्ली से बेंगलुरु तक प्रदर्शन
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन को लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं। सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, बेंगलुरु में भी CJP समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल ने वांगचुक की सेहत पर नया हेल्थ अपडेट जारी किया है।
बेंगलुरु में भी प्रदर्शन
रविवार को बेंगलुरु में 100 से अधिक CJP समर्थकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र अति संवेदनशील है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 100 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
CJP का दावा- पुलिस को पहले ही दी थी सूचना
CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि संसद मार्च की जानकारी काफी पहले ही दिल्ली पुलिस को दे दी गई थी। उन्होंने पुलिस के उस दावे को गलत बताया, जिसमें कहा गया था कि संगठन ने मार्च की पूर्व सूचना नहीं दी।
दीपके बोले- आंदोलन जारी रहेगा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल बेहद कठिन होती है, लेकिन आंदोलन अपने निर्णायक दौर में है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि संसद मार्च तक आंदोलन जारी रखा जाए।
सोनम वांगचुक का संदेश
सोनम वांगचुक की ओर से सोशल मीडिया पर साझा संदेश में 20 जुलाई को "आजादी का दूसरा आंदोलन" बताया गया। संदेश में समर्थकों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की गई।
सेहत पर नया अपडेट
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे उपवास के कारण उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी में रखा गया है। अस्पताल ने बताया कि कुछ ब्लड पैरामीटर सामान्य से अलग हैं और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इलाज को लेकर विवाद जारी
वहीं, वांगचुक के निजी डॉक्टर और CJP नेताओं ने अस्पताल की प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने भी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।
सोनम वांगचुक की तबीयत पर अस्पताल का हेल्थ बुलेटिन जारी, हालत स्थिर लेकिन 24 घंटे निगरानी में
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद रविवार को उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया। अस्पताल के मुताबिक वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल और 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल ने क्या कहा?
अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संकेत (वाइटल पैरामीटर) सामान्य और स्थिर हैं। हालांकि, लंबे समय तक उपवास के कारण उनके कुछ रक्त संबंधी पैरामीटर में बदलाव दर्ज किया गया है।
अस्पताल के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए उन्हें निरंतर उपचार और 24 घंटे क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन में रखना आवश्यक माना गया है।
एम्स के विशेषज्ञों की भी राय
हेल्थ बुलेटिन में कहा गया कि सफदरजंग अस्पताल और नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय में वर्तमान स्थिति भले ही स्थिर हो, लेकिन लंबे समय तक चले उपवास के प्रभाव को देखते हुए लगातार चिकित्सा निगरानी जरूरी है।
शनिवार को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था
सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस ने बताया था कि यह कार्रवाई अदालत के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर की गई।
वांगचुक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
निजी डॉक्टर ने उठाए सवाल
वहीं, सोनम वांगचुक के निजी चिकित्सक डॉ. सुहास दिगे ने अस्पताल की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी मेडिकल टीम पिछले 20 दिनों से वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर रही थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें और वांगचुक के वकीलों को मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
डॉ. दिगे ने दावा किया कि अस्पताल ले जाए जाने से पहले हुई जांच में वांगचुक का पोटैशियम स्तर सामान्य सीमा में था। ऐसे में अस्पताल द्वारा पोटैशियम की कमी बताए जाने पर उन्होंने संदेह जताया है।
स्वतंत्र जांच कराने का दावा
निजी चिकित्सक का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने के बाद उन्होंने स्वतंत्र लैब में रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा है। उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल अस्पताल और निजी डॉक्टरों के दावों में अंतर होने के कारण पूरे मामले पर नजर बनी हुई है।
वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई, अनशन का 21वां दिन: CJP फाउंडर दीपके भी भूख हड़ताल पर बैठे, बोले- सोनम सर को जबरन घसीटकर ले गए
जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए उठाया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया और कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सोनम वांगचुक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन घसीटकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर कहा कि पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश और मेडिकल जरूरतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से की गई।
वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लंबे उपवास के कारण उनका वजन करीब 9.5 किलो घट चुका है और स्वास्थ्य लगातार कमजोर हो रहा था।
वहीं, आंदोलन को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सरकारी आवास के बाहर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
जयपुर हादसा: फुटपाथ पर बैठे परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 3 बच्चों की मौत, माता-पिता जिंदगी की जंग लड़ रहे
जयपुर ट्रेलर हादसा
09:30 AM मामले की जांच जारी
पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे की पूरी वजह सामने आ सके।
09:22 AM फुटपाथ पर बैठे परिवार का सामान सड़क पर बिखरा
हादसे के बाद मौके पर परिवार का गुब्बारे और अन्य सामान सड़क पर बिखरा मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार बागरिया समाज से है और चौराहे पर गुब्बारे व अन्य सामान बेचकर अपना जीवनयापन करता था।
09:19 AM पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रेलर हटवाया
दुर्घटना के बाद पुलिस ने क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त ट्रेलर को सड़क से हटवाया। इसके बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
09:05 AM चालक और खलासी मौके से फरार
हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक और उसका खलासी वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी है।
08:50 AM पुलिस और स्थानीय लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों और मृतकों को नाले से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
08:46 AM रेलिंग तोड़कर फुटपाथ पर चढ़ा ट्रेलर, 5 लोग चपेट में
श्याम नगर थाना क्षेत्र के 200 फीट बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए सड़क किनारे बने नाले के कवर पर चढ़ गया। वहां मौजूद एक परिवार के पांच लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीएम मोदी बोले– भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से उबरा, संसाधनों के सही उपयोग से नहीं हुई सप्लाई में कमी
बालोतरा के पचपदरा रिफाइनरी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया ने हाल के वर्षों में 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना किया, जो पश्चिमी एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण और गंभीर हो गया था। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारत ने अपने संसाधनों और प्रबंधन क्षमता के दम पर न केवल स्थिति को संभाला बल्कि ऊर्जा आपूर्ति को भी बाधित नहीं होने दिया।
T 79 :- प्रधानमंत्री ने कहा कि "मैं राजस्थान की माटी के इस स्नेह और आशीर्वाद का ऋणी हूं।" pic.twitter.com/UUIxQqN08C
— Ashok Shera (@ashokshera94) July 4, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि अगर भारत ने समय रहते अपने संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया होता, तो देश में घरेलू गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें 2000 रुपये तक पहुंच सकती थीं। लेकिन सरकार की नीतियों और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों के कारण सप्लाई चेन मजबूत रही और आम जनता पर बड़ा बोझ नहीं पड़ा।
T 78:- PM नरेंद्र मोदी ने दी राजस्थान को विकास कार्यों की सौगात pic.twitter.com/LsrjDDndK0
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उन्होंने आगे कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका आत्मविश्वास और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में हुए हादसे के बाद जिस तेजी से काम पूरा किया गया, वह इस बात का प्रमाण है कि “नया भारत” किसी भी चुनौती के सामने रुकता नहीं है।
T 77 :- पीएम मोदी का सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थानी पटटू भेंट कर अभिनंदन किया। pic.twitter.com/zxzdUg0Mia
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पीएम मोदी ने राजस्थान की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी गर्मी में भी भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत है। उन्होंने कहा, “मैं राजस्थान की माटी का ऋणी हूं।”
T 74 :- विकास के इस ऐतिहासिक पल पर मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp का जोश देखते ही बन रहा pic.twitter.com/9ClxndFhen
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कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और रिफाइनरी के टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनका स्वागत शॉल ओढ़ाकर और प्रतीकात्मक झरोखा भेंट कर किया।
PM मोदी ने किया जोधपुर एयरपोर्ट का उद्घाटन, अब पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित।
राजस्थान के इतिहास में 4 जुलाई का दिन विकास के नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले जोधपुर एयरपोर्ट के नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और इसके बाद बाड़मेर जिले के पचपदरा पहुंचकर देश की सबसे आधुनिक एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित कर दिया। दोनों परियोजनाओं को पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक, औद्योगिक और आधारभूत विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
T 48 :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने नए टर्मिनल का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए विकसित आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली उड़ान… pic.twitter.com/TTa1iVjBvg
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जोधपुर एयरपोर्ट को मिला नया हाईटेक टर्मिनल
करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बने नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों के लिए विकसित आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने वाली उड़ान (UDAN) योजना पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी। नए टर्मिनल के शुरू होने से जोधपुर एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।
UDAN 2.0 से छोटे शहरों को मिलेगी नई उड़ान
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया कि UDAN 2.0 के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
T 63 :- 3 हेलीकॉप्टरों के काफिले के साथ पचपदरा पहुंचे PM नरेंद्र मोदी, कुछ ही देर में जनसभा को करेंगे संबोधित... pic.twitter.com/RBHYtJDqYw
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तीन हेलीकॉप्टरों के काफिले के साथ पचपदरा पहुंचे प्रधानमंत्री
जोधपुर कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन हेलीकॉप्टरों के काफिले के साथ पचपदरा पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी परिसर में पौधारोपण किया और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी का औपचारिक लोकार्पण किया।
53 हजार युवाओं को सौंपे गए नियुक्ति पत्र
लोकार्पण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न विभागों में चयनित 53 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। राज्य सरकार ने इसे युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
जनसभा से पहले पूरे क्षेत्र में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पचपदरा और बालोतरा क्षेत्र में सुबह से उत्साह का माहौल रहा। प्रमुख मार्गों पर प्रधानमंत्री के स्वागत में बड़े-बड़े होर्डिंग और कटआउट लगाए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साइकिल रैली निकाली, जबकि कई ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा और ऊंटगाड़ियों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
T 69 :- पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। pic.twitter.com/O95Q1fgs1k
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए पचपदरा रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। आम लोगों को केवल गेट नंबर-7 से प्रवेश दिया गया। वैध पासधारकों की ही एंट्री हुई और प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। सुरक्षा कारणों से पानी की बोतल सहित कई वस्तुओं को अंदर ले जाने पर रोक रही।
T 66:- पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन समारोह के लाइव प्रसारण में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हुईं। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए, जिससे रोजगार और विकास को नई गति मिलने का संदेश दिया गया। pic.twitter.com/83yqGX5uKx
— Ashok Shera (@ashokshera94) July 4, 2026
पश्चिमी राजस्थान के विकास की नई उम्मीद
उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के विकास की नई आधारशिला है। उनके अनुसार इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। शुरुआती चरण में राजस्थान को करीब 9,000 करोड़ रुपये और देश को लगभग 14,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लाभ मिलने का अनुमान है।
T 64 :- The Khatak Exclusive | हेलिपैड से गाड़ियों के काफिले के साथ सभा स्थल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी... pic.twitter.com/iTrxMNZlwH
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औद्योगिक विकास की नई दिशा
देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरियों में शामिल एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी से बीएस-6 मानकों का ईंधन, पेट्रोकेमिकल उत्पाद और कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार होंगे। इससे बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में उद्योग, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। 4 जुलाई 2026 को हुए इन दोनों बड़े उद्घाटनों ने राजस्थान को ऊर्जा और कनेक्टिविटी—दोनों क्षेत्रों में नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
खामेनेई को अंतिम विदाई, बेटे मुजतबा की गैरमौजूदगी चर्चा में; 100 से ज्यादा देशों की मौजूदगी
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में शनिवार को तेहरान में शुरू हो गईं। राजधानी के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। श्रद्धांजलि समारोह में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत देश की शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां मौजूद रहीं, जबकि सुरक्षा कारणों के चलते खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, अंतिम संस्कार समारोह में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं। पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और जॉर्जिया जैसे देशों के शीर्ष नेता तेहरान पहुंचे हैं। वहीं भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये ने अपने शीर्ष नेताओं की बजाय निचले स्तर के प्रतिनिधियों को भेजा है।
ग्रैंड मोसल्ला में श्रद्धांजलि समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर पहुंचे। कई श्रद्धालु हाथों में लाल झंडे और खामेनेई की तस्वीरें लिए नजर आए, जबकि शिया परंपरा के अनुसार मातम भी मनाया गया। कुछ लोगों ने 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'बदला' जैसे नारे भी लगाए।
ईरान सरकार ने अंतिम संस्कार को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। तेहरान की प्रमुख सड़कों, सरकारी इमारतों और आयोजन स्थल पर सेना एवं पुलिस की भारी तैनाती की गई है। अंतिम दर्शन के लिए मेट्रो और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है, जबकि दूसरे शहरों से आने वाले लोगों के लिए विशेष ट्रेनों और ठहरने की व्यवस्था भी की गई है।
लाइव अपडेट्स के अनुसार, खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर कोम, नजफ और कर्बला होते हुए 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगी, जहां इमाम रजा की दरगाह के पास उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी मीडिया का दावा है कि यह खामेनेई की अंतिम इच्छा थी।
PM Modi Jodhpur Live: जोधपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन और उड़ान 2.0 की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जोधपुर पहुंच गए। वायुसेना स्टेशन पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
जोधपुर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने संशोधित उड़ान (UDAN) योजना के दूसरे चरण की भी शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना और छोटे शहरों को बेहतर एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना है।
करीब 37 एकड़ क्षेत्र में विकसित नया टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें 6 एयरोब्रिज, 3 कन्वेयर बेल्ट, 5 लिफ्ट और एस्केलेटर, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, वीआईपी और एग्जीक्यूटिव लाउंज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह टर्मिनल मौजूदा भवन से लगभग छह गुना बड़ा है और इसकी यात्री क्षमता भी कई गुना बढ़ गई है। भवन के भीतर राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली कलाकृतियां और वीर दुर्गादास राठौड़ तथा अमृता देवी जैसे महान व्यक्तित्वों की झलक भी देखने को मिलती है।
एयरपोर्ट कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी बालोतरा जिले के पचपदरा के लिए रवाना होंगे। वहां वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित करने के साथ प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
रिफाइनरी उद्घाटन से पहले कांग्रेस का हमला, क्रेडिट की राजनीति और स्थानीय रोजगार पर घेरा सरकार