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LIVE NOWराजस्थान के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा दिन, PM मोदी आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे 79,459 करोड़ की पचपदरा रिफाइनरी
इतिहास रचेगा पचपदरा, राजस्थान के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई उड़ान
पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। करीब 79,459 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना से प्रदेश ऊर्जा, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ेगा।
वर्षों की मेहनत के बाद तैयार हुआ मेगा प्रोजेक्ट
करीब एक दशक की योजना, निर्माण और हजारों इंजीनियरों, तकनीशियनों व श्रमिकों की मेहनत के बाद यह रिफाइनरी तैयार हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके राष्ट्र को समर्पण के साथ इसे औपचारिक रूप से देश की सेवा में सौंपेंगे।
बाड़मेर का कच्चा तेल अब राजस्थान में ही होगा रिफाइन
अब तक बाड़मेर के तेल क्षेत्रों से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइनिंग के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। रिफाइनरी शुरू होने के बाद पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण प्रदेश में ही होगा, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
रिफाइनरी के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके साथ ही परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल, निर्माण और सेवा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए बनेगा नया केंद्र
पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथिलीन, बेंजीन और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और मेडिकल उपकरण उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे पश्चिमी राजस्थान में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है।
ग्रामीणों में उत्साह, अलग-अलग अंदाज में पहुंच रहे कार्यक्रम स्थल
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह है। विशाला सहित कई गांवों से लोग पचपदरा के लिए रवाना हुए हैं। कई बुजुर्गों ने बताया कि वे 2018 में शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे और अब लोकार्पण के भी साक्षी बनेंगे।
साइकिल और ऊंटगाड़ियों से भी पहुंचे लोग
भारतीय जनता युवा मोर्चा के आह्वान पर करीब 500 युवा कार्यकर्ता साइकिल यात्रा के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पहुंच रहे हैं। वहीं कई ग्रामीण पारंपरिक ऊंटगाड़ियों में सवार होकर भी पचपदरा पहुंच रहे हैं, जिससे कार्यक्रम में राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित हुआ नया औद्योगिक शहर
रिफाइनरी के साथ 247 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित की गई है। यहां आवासीय परिसर, सीबीएसई स्कूल, मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, क्लब हाउस, खेल परिसर, सोलर सिस्टम और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि पचपदरा रिफाइनरी आने वाले वर्षों में राजस्थान के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, निर्यात और निवेश को नई दिशा देगी। यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलने के साथ प्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
Iran-US Conflict: सीजफायर के बाद फिर भड़की जंग, अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले... मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ करीब एक घंटे तक सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के मालवाहक जहाज MV Ever Lovely पर ड्रोन हमला किया था। इसी घटना को अमेरिकी कार्रवाई का प्रमुख कारण बताया गया है।
ईरान का पलटवार का दावा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युद्धविराम का उल्लंघन अमेरिका के लिए भविष्य में भारी पड़ेगा।
NATO देशों पर भी साधा निशाना
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने वाले NATO सदस्य देशों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इस अभियान का समर्थन क्यों किया।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा समुद्री संकट
होर्मुज स्ट्रेट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद समुद्री यातायात और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका जताई जा रही है।
इजराइल-लेबनान के बीच 14 सूत्रीय समझौता
तनाव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के बीच 14 बिंदुओं पर आधारित एक समझौता हुआ है। प्रस्ताव के अनुसार लेबनानी सेना पूरे देश में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को हथियार छोड़ने होंगे। इसके बाद इजराइली सेना चरणबद्ध तरीके से कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटेगी।
हालांकि समझौते के विरोध में बेरूत में हिजबुल्लाह समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया और कई स्थानों पर विरोध मार्च निकाला।
परमाणु कार्यक्रम पर फिर बढ़ी हलचल
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने संकेत दिया है कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता भी पूरी हो चुकी है। दोनों देशों ने चार संयुक्त समितियां बनाकर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई है।
तेल बाजार पर भी दिखा असर
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। वहीं खाड़ी क्षेत्र में LNG टैंकरों के रास्ते बदलने की खबरों ने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
हालात पर दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, इजराइल-लेबनान समझौते, परमाणु वार्ता और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात को देखते हुए पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति और कूटनीतिक वार्ताएं क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकती हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: रोहिणी आचार्य का BJP पर हमला, बोलीं- बड़े लोगों को बचाने के लिए FIR सिर्फ 'आई-वॉश'
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा में कथित हेराफेरी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि मंदिर प्रबंधन के शीर्ष पदाधिकारियों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।
'प्रभु श्रीराम के नाम पर लूट मचाने वालों को मिली खुली छूट'
रोहिणी आचार्य ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों पर मंदिर के संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी थी, उनके नाम FIR में क्यों शामिल नहीं किए गए।
उन्होंने इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया महज एक 'आई-वॉश' नजर आती है।
प्रभु श्रीराम के नाम पर लूट मचाने वाले बड़े लूटेरों को दे दी गयी छूट ?
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 26, 2026
हैरानी की बात है राम मंदिर , अयोध्या के चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर तो दर्ज की गयी , मगर बड़े नामों, जिन पर मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है , उनका नाम एफआईआर में नहीं डाला गया , क्या जाँच व् न्याय की… pic.twitter.com/yZb6jw5Vgl
चंपत राय और ट्रस्ट प्रबंधन पर उठाए सवाल
रोहिणी आचार्य ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ ट्रस्ट पदाधिकारियों का नाम लेते हुए पूछा कि यदि मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर थी, तो कानूनी जवाबदेही भी वहीं से तय क्यों नहीं की जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि FIR में केवल दानपात्र कक्ष के कर्मचारियों और निचले स्तर के लोगों को शामिल किया गया है, जबकि बड़े पदाधिकारियों को जांच से बाहर रखा गया है।
'जिम्मेदारी शीर्ष पर है तो जवाबदेही भी वहीं तय हो'
रोहिणी आचार्य ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि मंदिर के संचालन और वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन के पास थी, तो जांच की शुरुआत भी वहीं से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं के मन में यही सवाल है कि आखिर शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही।
BJP सरकार पर लगाए लीपापोती के आरोप
रोहिणी आचार्य ने भाजपा सरकार पर मामले को दबाने और लीपापोती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम FIR में शामिल नहीं होना, उसे स्वतः निर्दोष साबित नहीं करता।
उनका कहना था कि समय आने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि FIR के आधार पर आगे की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
India vs Ireland: श्रेयस अय्यर की कप्तानी का आगाज हार से, बना अनचाहा रिकॉर्ड
IND vs IRE: भारत को 34 रन से हराकर आयरलैंड ने रचा इतिहास, पहली इंटरनेशनल जीत; श्रेयस अय्यर के नाम भी बना रिकॉर्ड
भारत vs आयरलैंड पहला टी-20 LIVE: भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, श्रेयस पहली बार कप्तान
भारत और आयरलैंड के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला बेलफास्ट में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। मौसम को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है, क्योंकि बेलफास्ट में बारिश की संभावना बनी हुई है।
श्रेयस अय्यर पहली बार टी-20 इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह इस फॉर्मेट में भारत के 15वें कप्तान बन गए हैं। लंबे समय बाद टी-20 टीम में वापसी कर रहे श्रेयस के सामने कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में खुद को साबित करने की चुनौती होगी।
इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी सभी की नजरें हैं। अगर उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है तो वह सबसे कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि टीम के मजबूत टॉप ऑर्डर के चलते उनकी प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं माना जा रहा है।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं। ईशान किशन इस साल शानदार फॉर्म में हैं और 13 टी-20 इंटरनेशनल में 532 रन बना चुके हैं। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह के साथ हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा पर भी नजर रहेगी, क्योंकि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।
दूसरी ओर आयरलैंड की टीम की कप्तानी विकेटकीपर लॉरकन टकर कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हैरी टेक्टर और टिम टेक्टर टीम के अहम खिलाड़ी हैं, जबकि गेंदबाजी में मैथ्यू हम्फ्रीज सबसे बड़े हथियार माने जा रहे हैं।
भारत और आयरलैंड के बीच अब तक खेले गए सभी 8 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। ऐसे में मेहमान टीम इस मैच में जीत का सिलसिला बरकरार रखना चाहेगी, जबकि आयरलैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 में जीत हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरा है।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
भारत: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल/वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।
आयरलैंड: टिम टेक्टर, रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लॉरकन टकर (कप्तान/विकेटकीपर), गैरेथ डेलानी, स्टीफन डोहेनी, जॉर्ज डॉकरेल, बेन कैलिट्ज, मैथ्यू हम्फ्रीज, रूबेन विल्सन और गेविन होए।
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वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 39 हजार से ज्यादा लापता; मलबे में जन्मी बच्ची को रेस्क्यू टीम ने बचाया
कराकास: वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। राजधानी कराकास समेत कई शहरों में इमारतें ढह गईं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में हजारों लोगों के लापता होने और बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
40 सेकेंड में बदला तबाही का मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भूकंपों के झटकों के बीच महज कुछ सेकेंड का अंतर था। तेज कंपन से ऊंची इमारतें ढह गईं और लोग जान बचाने के लिए सीढ़ियों से भागते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में इमारतों के गिरने और लोगों के बीच अफरा-तफरी का दृश्य दिखाई दे रहा है।
मलबे में जन्मी बच्ची को बचाया
राहत अभियान के दौरान एक मार्मिक घटना सामने आई। बचाव दल ने ढही हुई इमारत के मलबे से एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उसकी मां ने मलबे में फंसे रहने के दौरान बच्ची को जन्म दिया था। दोनों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटे हैं। कई स्थानों पर घायलों का इलाज अस्थायी राहत शिविरों में किया जा रहा है। बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे कई लोगों और पालतू जानवरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
भूकंप के कारण कई अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद सड़कों और खुले स्थानों पर अस्थायी मेडिकल कैंप बनाए गए हैं। घायल लोगों का वहीं इलाज किया जा रहा है। प्रभावित परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
रनवे पर खड़ा विमान भी हिलता दिखा
एक वायरल वीडियो में एयरपोर्ट के रनवे पर खड़ा विमान भूकंप के तेज झटकों से हिलता दिखाई देता है। विमान के भीतर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मच गई।
कई शहरों में भारी नुकसान
कराकास, ला गुआइरा, कातिया ला मार और आसपास के इलाकों में कई आवासीय इमारतें, होटल और सरकारी भवन क्षतिग्रस्त या पूरी तरह ढह गए हैं। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और अपने परिजनों की तलाश में राहत शिविरों और मलबे के आसपास जुटे हैं।
दुनियाभर से पहुंच रही मदद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्विट्जरलैंड, चिली, अल साल्वाडोर, मैक्सिको, स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल सहित कई देशों ने विशेष बचाव दल और विशेषज्ञों को वेनेजुएला भेजना शुरू कर दिया है।
नोट: इस रिपोर्ट में लापता लोगों की संख्या, नुकसान और अन्य आंकड़े उपलब्ध प्रारंभिक सूचनाओं पर आधारित हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच जारी, आज हो सकती हैं दो FIR दर्ज
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) मंगलवार को लगातार दूसरे दिन श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंची और जांच को आगे बढ़ाया। इस बीच मामले में FIR दर्ज कराने की मांग भी तेज हो गई है। हालांकि अब तक पुलिस ने किसी शिकायत पर औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
मंगलवार को धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि थाने में शिकायत देकर चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी इसी मामले में शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरे दिन भी राम मंदिर पहुंची SIT
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे SIT टीम राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम के साथ अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच टीम मंदिर परिसर में दान और चढ़ावे की व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
सोमवार को जांच के पहले दिन टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से विस्तृत जानकारी ली थी। इसके अलावा ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने करीब 42 कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए, जिनमें कई ऐसे कर्मचारी भी शामिल थे जो दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार SIT ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों से पूछा गया कि कर्मचारियों की मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के समय किस प्रकार की जांच होती थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि कर्मचारियों की प्रवेश के समय तो जांच होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय तलाशी की कोई सख्त व्यवस्था नहीं थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कथित अनियमितताएं तो नहीं की गईं।
अब तक 2 करोड़ रुपए की बरामदगी
जांच में अब तक पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इन लोगों की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। ये सभी किसी न किसी रूप में मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े थे।
लवकुश और अनुकल्प को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इनके बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
करोड़ों की संपत्ति और बदली जीवनशैली भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियां भी संदेह के घेरे में आई हैं। चंपत राय के सहयोगी बताए जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की अयोध्या और लखनऊ में करोड़ों रुपये की संपत्ति होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों की पिछले कुछ वर्षों में अचानक बदली आर्थिक स्थिति भी जांच का विषय बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, नोटों की गिनती करने वाले कुछ कर्मचारियों की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर पाया गया है। SIT इस पहलू की भी जांच कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इतने बड़े मामले में पारदर्शी जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटाले बिना मिलीभगत के संभव नहीं होते।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने तुरंत SIT का गठन कर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार पूरी गंभीरता से जांच करवा रही है और सच जल्द सामने आएगा।
संतों और धर्माचार्यों की प्रतिक्रिया
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यदि किसी ने भगवान राम के नाम पर आए चढ़ावे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी का दावा किया। इसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI और ED जांच की मांग की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी थी।
फिलहाल SIT वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन प्रणाली, कर्मचारियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चढ़ावे की राशि में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं।