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राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा दिन, PM मोदी आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे 79,459 करोड़ की पचपदरा रिफाइनरी

इतिहास रचेगा पचपदरा, राजस्थान के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई उड़ान

पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। करीब 79,459 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना से प्रदेश ऊर्जा, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ेगा।

वर्षों की मेहनत के बाद तैयार हुआ मेगा प्रोजेक्ट

करीब एक दशक की योजना, निर्माण और हजारों इंजीनियरों, तकनीशियनों व श्रमिकों की मेहनत के बाद यह रिफाइनरी तैयार हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके राष्ट्र को समर्पण के साथ इसे औपचारिक रूप से देश की सेवा में सौंपेंगे।

बाड़मेर का कच्चा तेल अब राजस्थान में ही होगा रिफाइन

अब तक बाड़मेर के तेल क्षेत्रों से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइनिंग के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। रिफाइनरी शुरू होने के बाद पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण प्रदेश में ही होगा, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

रिफाइनरी के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके साथ ही परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल, निर्माण और सेवा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए बनेगा नया केंद्र

पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथिलीन, बेंजीन और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और मेडिकल उपकरण उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे पश्चिमी राजस्थान में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है।

ग्रामीणों में उत्साह, अलग-अलग अंदाज में पहुंच रहे कार्यक्रम स्थल

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह है। विशाला सहित कई गांवों से लोग पचपदरा के लिए रवाना हुए हैं। कई बुजुर्गों ने बताया कि वे 2018 में शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे और अब लोकार्पण के भी साक्षी बनेंगे।

साइकिल और ऊंटगाड़ियों से भी पहुंचे लोग

भारतीय जनता युवा मोर्चा के आह्वान पर करीब 500 युवा कार्यकर्ता साइकिल यात्रा के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पहुंच रहे हैं। वहीं कई ग्रामीण पारंपरिक ऊंटगाड़ियों में सवार होकर भी पचपदरा पहुंच रहे हैं, जिससे कार्यक्रम में राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी।

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित हुआ नया औद्योगिक शहर

रिफाइनरी के साथ 247 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित की गई है। यहां आवासीय परिसर, सीबीएसई स्कूल, मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, क्लब हाउस, खेल परिसर, सोलर सिस्टम और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि पचपदरा रिफाइनरी आने वाले वर्षों में राजस्थान के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, निर्यात और निवेश को नई दिशा देगी। यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलने के साथ प्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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Iran-US Conflict: सीजफायर के बाद फिर भड़की जंग, अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले... मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ करीब एक घंटे तक सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के मालवाहक जहाज MV Ever Lovely पर ड्रोन हमला किया था। इसी घटना को अमेरिकी कार्रवाई का प्रमुख कारण बताया गया है।

ईरान का पलटवार का दावा

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युद्धविराम का उल्लंघन अमेरिका के लिए भविष्य में भारी पड़ेगा।

NATO देशों पर भी साधा निशाना

ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने वाले NATO सदस्य देशों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इस अभियान का समर्थन क्यों किया।

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा समुद्री संकट

होर्मुज स्ट्रेट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद समुद्री यातायात और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका जताई जा रही है।

इजराइल-लेबनान के बीच 14 सूत्रीय समझौता

तनाव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के बीच 14 बिंदुओं पर आधारित एक समझौता हुआ है। प्रस्ताव के अनुसार लेबनानी सेना पूरे देश में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को हथियार छोड़ने होंगे। इसके बाद इजराइली सेना चरणबद्ध तरीके से कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटेगी।

हालांकि समझौते के विरोध में बेरूत में हिजबुल्लाह समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया और कई स्थानों पर विरोध मार्च निकाला।

परमाणु कार्यक्रम पर फिर बढ़ी हलचल

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने संकेत दिया है कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता भी पूरी हो चुकी है। दोनों देशों ने चार संयुक्त समितियां बनाकर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई है।

तेल बाजार पर भी दिखा असर

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। वहीं खाड़ी क्षेत्र में LNG टैंकरों के रास्ते बदलने की खबरों ने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

हालात पर दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, इजराइल-लेबनान समझौते, परमाणु वार्ता और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात को देखते हुए पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति और कूटनीतिक वार्ताएं क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकती हैं।

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: रोहिणी आचार्य का BJP पर हमला, बोलीं- बड़े लोगों को बचाने के लिए FIR सिर्फ 'आई-वॉश'

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा में कथित हेराफेरी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि मंदिर प्रबंधन के शीर्ष पदाधिकारियों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।

'प्रभु श्रीराम के नाम पर लूट मचाने वालों को मिली खुली छूट'

रोहिणी आचार्य ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों पर मंदिर के संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी थी, उनके नाम FIR में क्यों शामिल नहीं किए गए।

उन्होंने इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया महज एक 'आई-वॉश' नजर आती है।

चंपत राय और ट्रस्ट प्रबंधन पर उठाए सवाल

रोहिणी आचार्य ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ ट्रस्ट पदाधिकारियों का नाम लेते हुए पूछा कि यदि मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर थी, तो कानूनी जवाबदेही भी वहीं से तय क्यों नहीं की जा रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि FIR में केवल दानपात्र कक्ष के कर्मचारियों और निचले स्तर के लोगों को शामिल किया गया है, जबकि बड़े पदाधिकारियों को जांच से बाहर रखा गया है।

'जिम्मेदारी शीर्ष पर है तो जवाबदेही भी वहीं तय हो'

रोहिणी आचार्य ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि मंदिर के संचालन और वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन के पास थी, तो जांच की शुरुआत भी वहीं से होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं के मन में यही सवाल है कि आखिर शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही।

BJP सरकार पर लगाए लीपापोती के आरोप

रोहिणी आचार्य ने भाजपा सरकार पर मामले को दबाने और लीपापोती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम FIR में शामिल नहीं होना, उसे स्वतः निर्दोष साबित नहीं करता।

उनका कहना था कि समय आने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि FIR के आधार पर आगे की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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India vs Ireland: श्रेयस अय्यर की कप्तानी का आगाज हार से, बना अनचाहा रिकॉर्ड

बेलफास्ट में खेले गए भारत और आयरलैंड के पहले टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर की शुरुआत में नहीं चाहेगा।

श्रेयस अय्यर अब टी20 इंटरनेशनल में कप्तानी के पहले ही मैच में हारने वाले भारत के चौथे कप्तान बन गए हैं। इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल के नाम दर्ज था।

इन भारतीय कप्तानों को भी डेब्यू मैच में मिली थी हार

टी20 इंटरनेशनल में अब तक 16 खिलाड़ी भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ चार कप्तानों को अपने पहले ही मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

  • विराट कोहली (2017): इंग्लैंड के खिलाफ कानपुर में कप्तानी की शुरुआत, टीम इंडिया 7 विकेट से हारी।
  • ऋषभ पंत (2022): दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज के पहले मैच में हार।
  • शुभमन गिल (2024): टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जिम्बाब्वे दौरे पर पहले मैच में हार, हालांकि भारत ने बाद में सीरीज 4-1 से जीती।
  • श्रेयस अय्यर (2026): आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में कप्तानी डेब्यू, भारत को 34 रन से हार मिली।

वर्ल्ड कप के बाद भी हार का सिलसिला

भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया। नए कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में टीम इंडिया को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में हार मिली थी, लेकिन भारत ने शानदार वापसी करते हुए सीरीज 4-1 से अपने नाम की।

अब 2026 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी की शुरुआत भी हार से हुई है। ऐसे में उनकी कोशिश अगले मुकाबले में टीम को जीत दिलाकर सीरीज बराबर करने की होगी।

भारत के टी20 कप्तानों के डेब्यू मैच का रिकॉर्ड

क्रमांक कप्तान पहले मैच का परिणाम
1 वीरेंद्र सहवाग ✅ जीत
2 महेंद्र सिंह धोनी ✅ जीत
3 सुरेश रैना ✅ जीत
4 अजिंक्य रहाणे ✅ जीत
5 विराट कोहली ❌ हार
6 रोहित शर्मा ✅ जीत
7 शिखर धवन ✅ जीत
8 भुवनेश्वर कुमार ✅ जीत
9 हार्दिक पंड्या ✅ जीत
10 ऋषभ पंत ❌ हार
11 केएल राहुल ✅ जीत
12 जसप्रीत बुमराह ✅ जीत
13 ऋतुराज गायकवाड़ ✅ जीत
14 सूर्यकुमार यादव ✅ जीत
15 शुभमन गिल ❌ हार
16 श्रेयस अय्यर ❌ हार

अब दूसरे टी20 पर नजर

दो मैचों की इस सीरीज में भारत 0-1 से पीछे है। यदि टीम इंडिया अगला मुकाबला जीतती है तो सीरीज 1-1 से बराबरी पर समाप्त होगी। वहीं, आयरलैंड जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो वह पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने का इतिहास रच देगा।

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IND vs IRE: भारत को 34 रन से हराकर आयरलैंड ने रचा इतिहास, पहली इंटरनेशनल जीत; श्रेयस अय्यर के नाम भी बना रिकॉर्ड

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भारत vs आयरलैंड पहला टी-20 LIVE: भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, श्रेयस पहली बार कप्तान

भारत और आयरलैंड के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला बेलफास्ट में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। मौसम को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है, क्योंकि बेलफास्ट में बारिश की संभावना बनी हुई है।

श्रेयस अय्यर पहली बार टी-20 इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह इस फॉर्मेट में भारत के 15वें कप्तान बन गए हैं। लंबे समय बाद टी-20 टीम में वापसी कर रहे श्रेयस के सामने कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में खुद को साबित करने की चुनौती होगी।

इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी सभी की नजरें हैं। अगर उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है तो वह सबसे कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि टीम के मजबूत टॉप ऑर्डर के चलते उनकी प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं माना जा रहा है।

भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं। ईशान किशन इस साल शानदार फॉर्म में हैं और 13 टी-20 इंटरनेशनल में 532 रन बना चुके हैं। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह के साथ हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा पर भी नजर रहेगी, क्योंकि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

दूसरी ओर आयरलैंड की टीम की कप्तानी विकेटकीपर लॉरकन टकर कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हैरी टेक्टर और टिम टेक्टर टीम के अहम खिलाड़ी हैं, जबकि गेंदबाजी में मैथ्यू हम्फ्रीज सबसे बड़े हथियार माने जा रहे हैं।

भारत और आयरलैंड के बीच अब तक खेले गए सभी 8 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। ऐसे में मेहमान टीम इस मैच में जीत का सिलसिला बरकरार रखना चाहेगी, जबकि आयरलैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 में जीत हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरा है।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11

भारत: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल/वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।

आयरलैंड: टिम टेक्टर, रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लॉरकन टकर (कप्तान/विकेटकीपर), गैरेथ डेलानी, स्टीफन डोहेनी, जॉर्ज डॉकरेल, बेन कैलिट्ज, मैथ्यू हम्फ्रीज, रूबेन विल्सन और गेविन होए।

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IND vs IRE: क्या आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू करेंगे वैभव सूर्यवंशी? पहले टी20 से पहले बढ़ा सस्पेंस

IND vs IRE 1st T20: भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार को खेला जाएगा। मैच से पहले सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के संभावित डेब्यू को लेकर हो रही है। घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव ने नेट्स में भी आत्मविश्वास से बल्लेबाजी कर टीम मैनेजमेंट का ध्यान खींचा है।

वैभव के डेब्यू पर बना हुआ है सस्पेंस

मैच की पूर्व संध्या पर बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने वैभव के डेब्यू को लेकर साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी को आगे भी मौके मिलेंगे, लेकिन किसी ऐसे खिलाड़ी को सिर्फ मौका देने के लिए बाहर करना सही नहीं होगा जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा और प्लेइंग इलेवन मैच की रणनीति के अनुसार तय होगी।

श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती

टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे श्रेयस अय्यर के लिए पहला मुकाबला आसान नहीं होगा। यदि वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिलता है, तो टीम संयोजन में बदलाव करना पड़ेगा। ऐसे में किस खिलाड़ी को बाहर बैठाया जाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

गौतम गंभीर के साथ नई शुरुआत

टीम इंडिया के नए दौर की शुरुआत कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की जोड़ी के साथ हो रही है। दोनों ने आईपीएल में साथ मिलकर सफलता हासिल की थी और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी इस साझेदारी पर सभी की नजरें रहेंगी।

कब और कहां देखें मुकाबला?

भारत और आयरलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला शाम 6:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 5:30 बजे होगा।

  • मैच शुरू: शाम 6:00 बजे
  • टॉस: शाम 5:30 बजे
  • टीवी प्रसारण: सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क
  • लाइव स्ट्रीमिंग: सोनी लिव ऐप

पिच रिपोर्ट

इस मैदान पर भारतीय टीम पहली बार टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने उतरेगी। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन पूरे मैच पर इसका बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। ओवरकास्ट परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल सकती है।

संभावित प्लेइंग इलेवन

भारत (संभावित XI):
अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव।

आयरलैंड (संभावित XI):
टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोरकन टकर (कप्तान/विकेटकीपर), जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, बेंजामिन कैलिट्ज़, लियाम मैकार्थी, रूबेन विल्सन, मैथ्यू होलार्ड, जय मूंद्रा।

पहले टी20 में भारत की नजर सीरीज में विजयी शुरुआत पर होगी, जबकि फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिलता है।

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Pune Murder Case: 'न रोई, न पछतावा दिखा', केतन हत्याकांड में नया खुलासा... सिया-चेतन एक-दूसरे को बता रहे मास्टरमाइंड

पुणे: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए दावे सामने आए हैं। पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी एक-दूसरे को हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड बता रहे हैं। वहीं, घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों और बचाव में शामिल व्यक्ति के बयान भी जांच का हिस्सा बने हुए हैं।

'लोग घबराए थे, लेकिन सिया शांत थी'

लोहगढ़ किले से केतन का शव निकालने में मदद करने वाले सुनील गायकवाड़ ने दावा किया कि घटना के बाद वहां मौजूद लोग घबराए हुए थे और मदद के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन सिया पूरी तरह शांत दिखाई दी। उनके अनुसार, उसने न रोने जैसी प्रतिक्रिया दी और न ही किसी तरह का पछतावा जाहिर किया। पुलिस इन बयानों की भी जांच कर रही है।

पुलिस पूछताछ में क्या बोली सिया?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने कहा कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और सगाई खत्म करना चाहती थी। उसका दावा है कि केतन इसके लिए तैयार नहीं था और कहता था कि अब बहुत देर हो चुकी है। पुलिस इन बयानों का अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है।

कैफे में बनी थी कथित साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, 17 जून को सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे। पुलिस का दावा है कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का देने की कथित योजना बनाई गई। हालांकि, इस दावे की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

दोनों आरोपी एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप

पुलिस के मुताबिक, आमने-सामने पूछताछ में चेतन चौधरी ने दावा किया कि पूरी योजना सिया ने बनाई थी, जबकि सिया का कहना है कि हत्या का विचार चेतन का था। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह दोनों आरोपियों की बचाव रणनीति भी हो सकती है।

माता-पिता ने पहली बार दी प्रतिक्रिया

सिया के माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

  • सिया की मां ने कहा कि यदि जांच में उनकी बेटी दोषी पाई जाती है तो उसे कानून के अनुसार सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
  • पिता ने कहा कि परिवार को केतन के हेयर विग इस्तेमाल करने की जानकारी थी, लेकिन यह किसी की हत्या का कारण नहीं हो सकता।
  • उन्होंने यह भी कहा कि सिया और केतन की शादी परिवार की सहमति से तय हुई थी।

जांच में मिले अहम सुराग

पुलिस जांच में अब तक कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं—

  • लोहगढ़ किले के CCTV फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई देने का दावा।
  • सिया के कॉल रिकॉर्ड में एक नंबर पर 2,000 से अधिक कॉल मिलने की जानकारी।
  • घटना से पहले दोनों आरोपियों की मुलाकात और लोकेशन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 18 जून को सिया गोयल और उसके मंगेतर केतन अग्रवाल लोहगढ़ किले घूमने गए थे। आरोप है कि वहां सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस का दावा है कि इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

फिलहाल जांच जारी

दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।

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वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 39 हजार से ज्यादा लापता; मलबे में जन्मी बच्ची को रेस्क्यू टीम ने बचाया

कराकास: वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। राजधानी कराकास समेत कई शहरों में इमारतें ढह गईं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में हजारों लोगों के लापता होने और बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

40 सेकेंड में बदला तबाही का मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भूकंपों के झटकों के बीच महज कुछ सेकेंड का अंतर था। तेज कंपन से ऊंची इमारतें ढह गईं और लोग जान बचाने के लिए सीढ़ियों से भागते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में इमारतों के गिरने और लोगों के बीच अफरा-तफरी का दृश्य दिखाई दे रहा है।

मलबे में जन्मी बच्ची को बचाया

राहत अभियान के दौरान एक मार्मिक घटना सामने आई। बचाव दल ने ढही हुई इमारत के मलबे से एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उसकी मां ने मलबे में फंसे रहने के दौरान बच्ची को जन्म दिया था। दोनों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटे हैं। कई स्थानों पर घायलों का इलाज अस्थायी राहत शिविरों में किया जा रहा है। बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे कई लोगों और पालतू जानवरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

भूकंप के कारण कई अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद सड़कों और खुले स्थानों पर अस्थायी मेडिकल कैंप बनाए गए हैं। घायल लोगों का वहीं इलाज किया जा रहा है। प्रभावित परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

रनवे पर खड़ा विमान भी हिलता दिखा

एक वायरल वीडियो में एयरपोर्ट के रनवे पर खड़ा विमान भूकंप के तेज झटकों से हिलता दिखाई देता है। विमान के भीतर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मच गई।

कई शहरों में भारी नुकसान

कराकास, ला गुआइरा, कातिया ला मार और आसपास के इलाकों में कई आवासीय इमारतें, होटल और सरकारी भवन क्षतिग्रस्त या पूरी तरह ढह गए हैं। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और अपने परिजनों की तलाश में राहत शिविरों और मलबे के आसपास जुटे हैं।

दुनियाभर से पहुंच रही मदद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्विट्जरलैंड, चिली, अल साल्वाडोर, मैक्सिको, स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल सहित कई देशों ने विशेष बचाव दल और विशेषज्ञों को वेनेजुएला भेजना शुरू कर दिया है।

नोट: इस रिपोर्ट में लापता लोगों की संख्या, नुकसान और अन्य आंकड़े उपलब्ध प्रारंभिक सूचनाओं पर आधारित हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।

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अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच जारी, आज हो सकती हैं दो FIR दर्ज

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) मंगलवार को लगातार दूसरे दिन श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंची और जांच को आगे बढ़ाया। इस बीच मामले में FIR दर्ज कराने की मांग भी तेज हो गई है। हालांकि अब तक पुलिस ने किसी शिकायत पर औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

मंगलवार को धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि थाने में शिकायत देकर चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी इसी मामले में शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

दूसरे दिन भी राम मंदिर पहुंची SIT

मंगलवार सुबह करीब 11 बजे SIT टीम राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम के साथ अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच टीम मंदिर परिसर में दान और चढ़ावे की व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

सोमवार को जांच के पहले दिन टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से विस्तृत जानकारी ली थी। इसके अलावा ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने करीब 42 कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए, जिनमें कई ऐसे कर्मचारी भी शामिल थे जो दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार SIT ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों से पूछा गया कि कर्मचारियों की मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के समय किस प्रकार की जांच होती थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि कर्मचारियों की प्रवेश के समय तो जांच होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय तलाशी की कोई सख्त व्यवस्था नहीं थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कथित अनियमितताएं तो नहीं की गईं।

अब तक 2 करोड़ रुपए की बरामदगी

जांच में अब तक पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इन लोगों की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। ये सभी किसी न किसी रूप में मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े थे।

लवकुश और अनुकल्प को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इनके बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।

करोड़ों की संपत्ति और बदली जीवनशैली भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियां भी संदेह के घेरे में आई हैं। चंपत राय के सहयोगी बताए जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की अयोध्या और लखनऊ में करोड़ों रुपये की संपत्ति होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों की पिछले कुछ वर्षों में अचानक बदली आर्थिक स्थिति भी जांच का विषय बनी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, नोटों की गिनती करने वाले कुछ कर्मचारियों की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर पाया गया है। SIT इस पहलू की भी जांच कर रही है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इतने बड़े मामले में पारदर्शी जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटाले बिना मिलीभगत के संभव नहीं होते।

वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने तुरंत SIT का गठन कर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार पूरी गंभीरता से जांच करवा रही है और सच जल्द सामने आएगा।

संतों और धर्माचार्यों की प्रतिक्रिया

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यदि किसी ने भगवान राम के नाम पर आए चढ़ावे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी का दावा किया। इसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI और ED जांच की मांग की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी थी।

फिलहाल SIT वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन प्रणाली, कर्मचारियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चढ़ावे की राशि में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं।

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