क्या एक ‘गुप्त इंजेक्शन’ के जरिए चुपचाप चल रहा था करोड़ों का बड़ा खेल… और मरीजों को इसकी भनक तक नहीं लगी? क्या भरोसे के नाम पर कहीं उनकी सेहत से खिलवाड़ तो नहीं हो रहा था?
एक रहस्यमयी इंजेक्शन… एक ऑनलाइन नेटवर्क… और भरोसेमंद मेडिकल सिस्टम के पीछे छिपा बड़ा खेल। एक मामूली जांच से शुरू हुई कहानी अब गहराते रहस्य में बदल चुकी है… सच क्या है, ये अभी पूरी तरह सामने आना बाकी है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल सिस्टम और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नपुंसकता के इलाज के नाम पर अवैध इंजेक्शन का कारोबार चल रहा था—और इसका मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि एक बड़े निजी अस्पताल से जुड़ा शख्स निकला।
पूरी कहानी की शुरुआत गुजरात के सूरत से हुई, जहां ड्रग्स डिपार्टमेंट की एक रूटीन जांच के दौरान “TRIMIX” नाम के संदिग्ध इंजेक्शन का खुलासा हुआ। हैरानी की बात ये थी कि यह इंजेक्शन भारत के सर्वोच्च दवा नियामक Drugs Controller General of India (DCGI) से अप्रूव ही नहीं था।
जांच आगे बढ़ी तो इसके तार जयपुर के एक नामी अस्पताल—Bhandari Hospital—तक जा पहुंचे। 9 अप्रैल को जब ड्रग्स डिपार्टमेंट ने यहां छापा मारा, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।