लंबे संघर्ष के बाद मिली खुशी! पाकिस्तान की दुल्हन का जोधपुर में गृह प्रवेश...

जोधपुर के सुथार परिवार की बहू रक्षा सुथार पाकिस्तान से वीजा जटिलताओं के कारण लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आखिरकार भारत पहुंचीं। 2011 में तय हुई सगाई के बाद नेपाल में 2025 में शादी हुई थी, लेकिन 10 महीने बाद वीजा मिलने पर उनका जोधपुर में भावुक गृह प्रवेश हुआ। परिवार ने राजनीतिक और प्रशासनिक सहयोग से यह मिलन संभव कराया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
April 19, 2026 • 3:19 PM  20
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राजस्थान
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लंबे संघर्ष के बाद मिली खुशी! पाकिस्तान की दुल्हन का जोधपुर में गृह प्रवेश...
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19 Apr 2026
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लंबे संघर्ष के बाद मिली खुशी! पाकिस्तान की दुल्हन का जोधपुर में गृह प्रवेश...

जोधपुर: सरहदों की दूरी भी जब रिश्तों की मजबूती के आगे छोटी पड़ जाए, तो ऐसी कहानियां मिसाल बन जाती हैं। जोधपुर के पाल क्षेत्र में ऐसा ही भावनात्मक और प्रेरणादायक मिलन देखने को मिला, जहां वर्षों के इंतजार और संघर्ष के बाद पाकिस्तान से आई दुल्हन रक्षा सुथार का आखिरकार भारत में अपने ससुराल में गृह प्रवेश हुआ।

यह कहानी सिर्फ एक विवाह की नहीं, बल्कि दो देशों के बीच फंसे रिश्ते, लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और धैर्य की जीत की कहानी है।

वर्षों पुरानी सगाई और अधूरा इंतजार

मामला जोधपुर के सुथार परिवार से जुड़ा है, जो वर्ष 2011 में पाकिस्तान से भारत आकर बस गया था। इस परिवार के बेटे अमित सुथार की सगाई पहले ही पाकिस्तान में तय कर दी गई थी। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच वीजा और यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण यह रिश्ता लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सका।

अमित सुथार, जो वर्तमान में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, और उनकी मंगेतर रक्षा सुथार, जो पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकी हैं, दोनों परिवारों ने उम्मीद नहीं छोड़ी।

नेपाल में रचा गया विवाह

लंबे समय तक वीजा नहीं मिलने के कारण परिवार ने एक वैकल्पिक रास्ता चुना। 2 जून 2025 को नेपाल के काठमांडू में दोनों परिवार पहुंचे, जहां सीमाओं से दूर इस जोड़े ने विवाह के सात फेरे लिए और नया जीवन शुरू किया।

हालांकि शादी के बाद भी परिस्थितियां आसान नहीं हुईं। विवाह संपन्न होने के बाद अमित भारत लौट आए, जबकि रक्षा को वापस पाकिस्तान जाना पड़ा।

10 महीने का इंतजार और संघर्ष

शादी के बाद असली संघर्ष तब शुरू हुआ जब रक्षा को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। परिवार ने लगातार प्रयास किए और कई स्तरों पर संपर्क साधा।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सहयोग से वीजा प्रक्रिया में राहत मिली। आवश्यक दस्तावेज और लंबी औपचारिकताओं के बाद रक्षा सुथार को 45 दिन का विजिटर वीजा जारी किया गया।

जोधपुर में भावुक स्वागत

वीजा मिलने के बाद रक्षा सुथार जब जोधपुर के पाल क्षेत्र स्थित अपने ससुराल पहुंचीं, तो पूरे परिवार में खुशी का माहौल छा गया। वर्षों का इंतजार आखिरकार उस पल में बदल गया, जब बहू का गृह प्रवेश कराया गया।

परिवार के सदस्यों की आंखें खुशी और भावनाओं से नम हो गईं। यह दृश्य हर उस व्यक्ति के लिए भावुक करने वाला था, जिसने इस लंबे संघर्ष को देखा था।

आगे की राह

पाक विस्थापितों के लिए काम करने वाले गणेश बिजाणी ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है। अब परिवार का प्रयास रहेगा कि रक्षा सुथार के लिए लॉन्ग टर्म वीजा की प्रक्रिया पूरी करवाई जाए, ताकि यह परिवार स्थायी रूप से एक साथ रह सके।

यह कहानी साबित करती है कि जब रिश्तों में सच्चाई और धैर्य हो, तो सरहदें भी उन्हें रोक नहीं सकतीं। जोधपुर में हुआ यह मिलन सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि उम्मीद और इंसानियत की जीत का प्रतीक है।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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