जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने जांच पूरी करने के बाद अब अभियोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में टीम जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस चलाने के लिए आवश्यक कानूनी स्वीकृति लेने की प्रक्रिया की गई।
10 टन विस्फोटक, हजारों डेटोनेटर और फ्यूज वायर बरामद
इस पूरे मामले की शुरुआत 24 जनवरी को हुई, जब थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में पुलिस ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की। यहां से:
- 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट
- 8,750 डेटोनेटर
- 18,000 मीटर फ्यूज वायर
बरामद किया गया था। यह मात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक मानी जा रही थी।
4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर पहले से केस
मौके से सुलेमान खान नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले से भी तीन मामले दर्ज हैं।
इसके बाद जांच में सामने आए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें लाइसेंसशुदा विस्फोटक मैगजीन संचालक शामिल हैं।
SIT जांच में खुला बड़ा नेटवर्क
विशेष जांच दल (SIT) की जांच में सामने आया कि यह एक संगठित अवैध सप्लाई नेटवर्क था:
- एक आरोपी ने लाइसेंस सरेंडर करने के बाद भी पर्दे के पीछे से सप्लाई चेन चलाई
- अन्य आरोपियों ने अपने लाइसेंस का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से बारूद बेचा
- मुख्य आरोपी सस्ते में बारूद खरीदकर आगे सप्लाई करता था
इस पूरे नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।
NIA की टीम नागौर पहुंची, दिनभर चली प्रक्रिया
हाल ही में NIA की चार सदस्यीय टीम गोपनीय तरीके से नागौर पहुंची और कलेक्ट्रेट कार्यालय में दिनभर दस्तावेजी प्रक्रिया में जुटी रही। इस दौरान केस को कोर्ट में ले जाने के लिए जरूरी अनुमति से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए।
अब NIA कोर्ट में चलेगा ट्रायल
कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही NIA सभी सबूत, फॉरेंसिक रिपोर्ट (FSL) और आरोपियों के बयान के साथ विशेष अदालत में चार्जशीट पेश करेगी। इसके बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्रायल शुरू होगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
यह मामला सिर्फ अवैध विस्फोटक रखने का नहीं, बल्कि संभावित बड़े खतरे से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट था, खासकर 26 जनवरी जैसे संवेदनशील समय से ठीक पहले।
निष्कर्ष
नागौर विस्फोटक कांड अब कानूनी मोड़ पर पहुंच चुका है। NIA की जांच के बाद अब अदालत में इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह केस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।