नेवाड़ी गांव में पानी का संकट: जल जीवन मिशन की अधर में लटकी योजना, ग्रामीण पैसे देकर खरीद रहे पानी

राजस्थान के भरतपुर जिले के भुसावर तहसील स्थित नेवाड़ी गांव में जल जीवन मिशन के तहत 175 लाख रुपये से बनी ओवरहेड टंकी और तीन डीप बोरवेल तैयार होने के बावजूद पानी की सप्लाई नहीं शुरू हुई। पाइपलाइन अधूरी होने और कनेक्शन न जुड़ने से ग्रामीणों को टैंकर से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है या महिलाओं को दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। विभाग ने ठेकेदारों को नोटिस दिए हैं और जल्द सप्लाई शुरू करने का आश्वासन दिया है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 18, 2025 • 4:05 PM  13
राजस्थान
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नेवाड़ी गांव में पानी का संकट: जल जीवन मिशन की अधर में लटकी योजना, ग्रामीण पैसे देकर खरीद रहे पानी
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18 Dec 2025
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नेवाड़ी गांव में पानी का संकट: जल जीवन मिशन की अधर में लटकी योजना, ग्रामीण पैसे देकर खरीद रहे पानी

राजस्थान के भरतपुर जिले की भुसावर तहसील में स्थित नेवाड़ी गांव इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गांव में पानी की सप्लाई के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को नल से एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ। तीन डीप बोरवेल खोदे गए, ओवरहेड टंकी का निर्माण पूरा हो गया, लेकिन पाइपलाइन अधर में लटकी हुई है और पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। नतीजा यह है कि गांव के लोग मजबूरी में टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं या महिलाएं दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर ला रही हैं।

जल जीवन मिशन के तहत हुए काम, लेकिन सप्लाई शून्य जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना के अंतर्गत नेवाड़ी गांव में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) ने बड़े पैमाने पर निवेश किया। गांव के निवासी सचिन फौजदार ने बताया कि 8 फरवरी 2023 को 175.15 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस काम को 8 दिसंबर 2023 तक पूरा करना था, और टंकी तो समय पर तैयार भी हो गई। लेकिन इसके बाद की कड़ी – गांव में पानी पहुंचाने के लिए घर-घर पाइपलाइन बिछाना और टंकी से कनेक्शन जोड़ना – अभी तक अधूरा पड़ा है।योजना के तहत तीन डीप बोरवेल (गहरे ट्यूबवेल) खोदे गए थे। इन बोरवेल्स से टंकी तक पानी पहुंचाने के लिए 3 इंच व्यास की पाइपलाइन भी डाली गई, लेकिन यह पाइपलाइन टंकी से जोड़ी ही नहीं गई। नतीजतन, तीनों बोरवेल और टंकी बेकार पड़े हैं। गांव में घरों तक पानी के कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। ठेकेदारों ने काम को बीच में ही छोड़ दिया, और विभाग ने कागजों पर तो योजना को पूरा दिखा दिया, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों की प्यास बुझाने का कोई इंतजाम नहीं हुआ।टंकी के आसपास सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण भी नहीं कराया गया, जिससे यह खुले में पड़ी हुई है और किसी भी तरह के नुकसान का शिकार हो सकती है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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