दहेज नहीं, बेटी चाहिए: श्रीगंगानगर में वर पक्ष ने लौटाया 1 करोड़ 1 लाख 51 हजार का दहेज, सिर्फ एक रुपया और नारियल लेकर दिया सामाजिक संदेश
श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में वर पक्ष ने दुल्हन पक्ष से मिले 1 करोड़ 1 लाख 51 हजार रुपये के दहेज को पूरी तरह लौटा दिया और सिर्फ एक रुपया व नारियल लेकर भावुक संदेश दिया - "हमें दहेज नहीं, बेटी चाहिए।" यह घटना समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत मिसाल बन गई है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक ऐसी शादी हुई है, जिसने समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत और प्रेरणादायक संदेश दिया है। जहां एक ओर दहेज के नाम पर बेटियों और बहुओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं आम हो गई हैं, वहीं यहां वर पक्ष ने न केवल दहेज लेने से इनकार किया, बल्कि दुल्हन पक्ष से मिले करोड़ों रुपये के उपहार और नकदी को पूरी तरह लौटा दिया। इस घटना ने मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं और अब यह खबर सोशल मीडिया से लेकर समाचारों में व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटना का विवरण
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र में स्थित गांव 3 एनपी के निवासी प्रमोद थालोड़ की पुत्री मानसी का विवाह शुक्रवार को गांव 63 एलएनपी निवासी वीपी सिंह के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। यह विवाह दोनों परिवारों की सहमति से एक अरेंज मैरिज के रूप में हुआ था।