प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2025 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, पहलगाम आतंकी हमले के जवाब और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई, पाकिस्तान को चेतावनी दी और भारतीय सेना की वीरता की सराहना की। संबोधन में युद्धविराम, भारत की रक्षा क्षमता और शांति के लिए प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
May 12, 2025 • 9:17 PM  65
भ
भारत
NEWS CARD
Logo
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कड़ा संदेश
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कड़ा संदेश”
Favicon
Read more onthekhatak.com
12 May 2025
https://thekhatak.com/pm-modi-address-operation-sindoor-india-pakistan-tension-12-may-2025
Google News
Copied
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कड़ा संदेश

नई दिल्ली, 12 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के तनाव और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर विस्तार से बात की। यह संबोधन 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम के दो दिन बाद हुआ, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद लागू हुआ था। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया कि "टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते।" 

### संबोधन की मुख्य बातें

1. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सेना की प्रशंसा  
   पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ एक नया मानक स्थापित करने वाला अभियान बताया। उन्होंने कहा, "हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया। मैं उनकी वीरता को देश की हर माता, बहन और बेटी को समर्पित करता हूँ।"  
   ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

2. पहलगाम आतंकी हमले का जवाब  
   पीएम ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, "इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। आतंकवादियों ने हमारे बहनों के सिंदूर उजाड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने उनके घर उजाड़ दिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने इस हमले का जवाब सटीक और आक्रामक कार्रवाई के साथ दिया।

3. पाकिस्तान को कड़ा संदेश  
   पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "पाकिस्तान की सेना और सरकार जिस तरह आतंकवाद को पोषित करती है, वह एक दिन उनके अपने विनाश का कारण बनेगा।"  
   उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई केवल स्थगित हुई है, खत्म नहीं।  
   पीएम ने यह भी कहा, "पाकिस्तान ने 8 और 9 मई को ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन्हें हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।"

4. आतंकवाद और बातचीत असंगत  
   पीएम ने विश्व समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, "भारत का मत स्पष्ट है। टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो वह आतंकवाद और PoK पर होगी।"  
   उन्होंने 10 मई को पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत के डीजीएमओ से संपर्क करने का जिक्र किया, जब पाकिस्तान ने आश्वासन दिया कि उनकी ओर से कोई आतंकी या सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।

5. भारत का संयम और शौर्य  
   पीएम ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में देश ने भारत का शौर्य और संयम दोनों देखा। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल पूरी तरह अलर्ट हैं।" उन्होंने वैज्ञानिकों और खुफिया एजेंसियों की भी सराहना की, जिन्होंने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

6. नए युग की शुरुआत  
   पीएम ने जोर देकर कहा कि नया युग आतंकवाद और युद्ध का नहीं, बल्कि शांति और विकास का है। उन्होंने कहा, "भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया कि उन्हें युद्धविराम की गुहार लगानी पड़ी।"


यह संबोधन ऐसे समय में हुआ जब भारत और पाकिस्तान के बीच 7 से 10 मई तक सैन्य तनाव चरम पर था। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमलों की कोशिश की, लेकिन भारत के मजबूत रक्षा तंत्र ने इन्हें नाकाम कर दिया। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी, जिसके बाद पीएम मोदी ने स्थिति की समीक्षा के लिए शीर्ष सैन्य अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की थी।


पीएम मोदी का यह संबोधन न केवल भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूती से रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संबोधन भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखना और विश्व समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देना है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 मई 2025 का संबोधन भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने न केवल भारतीय सेना की वीरता को सलाम किया, बल्कि पाकिस्तान को यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत की नीति अब केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सक्रिय और आक्रामक रुख अपनाने को तैयार है।

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter