सीमावर्ती राजस्थान में ‘धीमा जहर’ बना पेयजल: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विधानसभा में तीखा प्रहार, RO प्लांट बंद होने और बजट पर भी उठाए गंभीर सवाल

राजस्थान विधानसभा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा के सीमावर्ती गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या को उठाया। कई जगहों पर TDS 7000 ppm से अधिक और फ्लोराइड 10 mg/l तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए 'धीमा जहर' साबित हो रहा है। इससे नवजात शिशुओं में विकलांगता, फ्लोरोसिस, हड्डी विकृति जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। क्षेत्र में 55 RO प्लांट में से 30 बंद हैं। विधायक ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए, बजट को 'फैंसी' बताया और मुख्यमंत्री से जनता के बीच जाकर स्थिति देखने की अपील की। साथ ही संविदा कर्मियों के शोषण और भूमि आवंटन पर भी चिंता जताई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 12, 2026 • 7:49 PM  21
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
सीमावर्ती राजस्थान में ‘धीमा जहर’ बना पेयजल: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विधानसभा में तीखा प्रहार, RO प्लांट बंद होने और बजट पर भी उठाए गंभीर सवाल
“सीमावर्ती राजस्थान में ‘धीमा जहर’ बना पेयजल: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विधानसभा में तीखा प्रहार, RO प्लांट बंद होने और बजट पर भी उठाए गंभीर सवाल”
Favicon
Read more on thekhatak.com
12 Feb 2026
https://thekhatak.com/rajasthan-border-drinking-water-slow-poison-tds-fluoride-ravindra-singh-bhati-assembly-speech-ro-plants-budget-criticism
Google News
Copied
सीमावर्ती राजस्थान में ‘धीमा जहर’ बना पेयजल: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विधानसभा में तीखा प्रहार, RO प्लांट बंद होने और बजट पर भी उठाए गंभीर सवाल

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में हाल ही में विशेष उल्लेख प्रस्ताव के दौरान वातावरण अचानक गंभीर हो उठा, जब शिव (बाड़मेर) के स्वतंत्र विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में पेयजल की भयावह स्थिति को सदन के सामने रखा। उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिलों के कई गांवों में पानी की गुणवत्ता को "धीमा जहर" करार देते हुए सरकार की लापरवाही पर जमकर निशाना साधा। भाटी ने तथ्यों और आंकड़ों के साथ स्थिति की गहराई को उजागर किया, जिससे सदन में सन्नाटा छा गया और यह मुद्दा मानवीय संकट के रूप में उभरा।

पानी में TDS और फ्लोराइड की खतरनाक मात्रा

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन को बताया कि सीमावर्ती गांवों में पेयजल की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कई स्थानों पर पानी में TDS (Total Dissolved Solids) का स्तर 7000 ppm से भी अधिक पाया जा रहा है, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार स्वीकार्य सीमा मात्र 500 ppm तक है (आदर्श रूप से 50-150 ppm के बीच)। इससे कई गुना अधिक TDS वाले पानी को पीने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter