राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाला: 187 करोड़ के फर्जीवाड़े में PHED के तीन इंजीनियरों पर ACB की FIR, हैदराबाद की कंपनी को फेक दस्तावेजों से टेंडर दिए, अधूरे काम को पूरा दिखाया
राजस्थान के जल जीवन मिशन योजना में 187.33 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। ACB ने PHED के तीन इंजीनियरों - दिनेश गोयल, महेंद्र प्रकाश सोनी और सिद्धार्थ टांक के खिलाफ FIR दर्ज की। हैदराबाद की कंपनी भूरथनोम कंस्ट्रक्शन को फर्जी दस्तावेजों और झूठे शपथ पत्रों से टेंडर दिए गए, अधूरे काम (कमीशनिंग और SCADA) को पूरा दिखाकर भुगतान कराया। कुल 5 परियोजनाओं (1493 करोड़) में फर्जीवाड़ा, जांच जारी।
जयपुर: राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना के तहत हुए बड़े घोटाले का एक और मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 187.33 करोड़ रुपये के घोटाले में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के तीन वरिष्ठ इंजीनियरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मिलीभगत कर हैदराबाद की कंपनी भूरथनोम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को फर्जी दस्तावेजों और झूठे शपथ पत्रों के आधार पर करोड़ों के टेंडर आवंटित किए। कंपनी ने अधूरे काम को पूरा बताकर सरकारी खजाने से भुगतान हासिल किया, जबकि कई गांवों में अभी भी महत्वपूर्ण काम अधूरा पड़ा है।
FIR सोमवार को दर्ज की गई, जिसमें मुख्य आरोपी हैं:
दिनेश गोयल (तत्कालीन मुख्य अभियंता, विशेष परियोजना, PHED),महेंद्र प्रकाश सोनी (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, परियोजना, अजमेर अतिरिक्त प्रभार; वर्तमान में सेवानिवृत्त),सिद्धार्थ टांक (अधिशासी अभियंता, परियोजना खंड मांडल, भीलवाड़ा)