मोहन भागवत का हल्दीघाटी युद्ध पर बयान बोले- इतिहास को अलग नजरिए से भी देखने की जरूरत, महाराणा प्रताप के संघर्ष को किया याद!
उदयपुर में महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय स्मरण कार्यक्रम में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने इतिहास लेखन पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी युद्ध को लेकर इतिहास में अलग-अलग नैरेटिव प्रस्तुत किए गए हैं और महाराणा प्रताप का संघर्ष स्वाभिमान व स्वतंत्रता की प्रेरणा है।
उदयपुर। महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय स्मरण कार्यक्रम के अवसर पर उदयपुर में आयोजित राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इतिहास लेखन और हल्दीघाटी युद्ध को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल एक ही दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए और कई घटनाओं को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आती रही हैं।
भागवत ने इतिहास लेखन पर उठाए सवाल
डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि इतिहासकारों ने कई बार घटनाओं को अपने नजरिए और विचारधारा के आधार पर प्रस्तुत किया है। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का संघर्ष केवल एक युद्ध नहीं बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की लड़ाई थी।