15 करोड़ का झांसा और जाली MOU का खेल: क्या राजस्थान विधायक के बेटे ने किया करोड़ों का घोटाला? जानें ठगी की पूरी कहानी
"खादी की आड़ में साज़िश या फिर करोड़ों का व्यापारिक खेल? राजस्थान के एक रसूखदार विधायक के बेटे पर लगा है असम सरकार के नाम पर महाठगी का आरोप। 4.81 करोड़ की इस 'यूनिफॉर्म मिस्ट्री' ने जयपुर से गुवाहाटी तक हड़कंप मचा दिया है। आखिर क्या है उस फर्जी MOU का सच?"
भीलवाड़ा/जयपुर। राजस्थान की राजनीति में 'सत्ता और रसूख' के दुरुपयोग का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) से भाजपा विधायक गोपाल खंडेलवाल के बेटे मुकेश खंडेलवाल पर एक कपड़ा कारोबारी से 4.81 करोड़ रुपये की ठगी करने का संगीन आरोप लगा है। इस पूरे खेल में 'असम सरकार' के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेजों का ऐसा जाल बुना गया, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।
यूनिफॉर्म का झांसा और फर्जी MOU का खेल
अहमदाबाद के पीड़ित कारोबारी अनिल कुमार देवासी ने मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस को दी गई शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि साल 2022 में मुकेश खंडेलवाल ने खुद को रसूखदार बताते हुए कारोबारी को झांसा दिया कि वह उसे असम सरकार से 15 करोड़ रुपये का स्कूल यूनिफॉर्म का टेंडर दिला सकता है।
भरोसा जीतने के लिए कारोबारी को गुवाहाटी बुलाया गया। वहां कथित तौर पर असम सरकार के फर्जी लेटरहेड, जाली मुहरें और जाली MOU (करारनामा) तैयार कर व्यापारी से हस्ताक्षर कराए गए। कारोबारी को लगा कि उसे एक बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट मिल गया है, लेकिन उसे भनक भी नहीं थी कि वह एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो रहा है।