17 साल पुरानी CBI FIR रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट से पूर्व IAS संजय दीक्षित और रणजीत सिंह को राहत
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित और रणजीत सिंह के खिलाफ पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े करीब 17 साल पुराने CBI एफआईआर मामले को रद्द कर दिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित और रणजीत सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज करीब 17 साल पुरानी CBI एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने दोनों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जारी किया।
क्या था पूरा मामला?
मामला रणजीत सिंह के पासपोर्ट के लिए किए गए चरित्र सत्यापन (Character Verification) से जुड़ा है। उस समय संजय दीक्षित ने सत्यापन रिपोर्ट दी थी। वर्ष 2009 में प्रहलाद गुर्जर ने पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि रणजीत सिंह को जारी किया गया पासपोर्ट अवैध है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी CBI FIR
पासपोर्ट कार्यालय द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के बाद प्रहलाद गुर्जर ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। इसके बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 को मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। इसी आदेश के आधार पर 29 जनवरी 2010 को CBI ने एफआईआर दर्ज की।