बालोतरा के कनाना गांव में 1008 कुंडीय ललिता सहस्रनाम महायज्ञ का भव्य समापन: 22-24 मार्च को मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा, 12 महीने का अनुष्ठान पूरा – देशभर से संत-श्रद्धालु पहुंचेंगे

बालोतरा के कनाना गांव में 12 महीने से चल रहे 1008 कुंडीय ललिता सहस्रनाम महायज्ञ की पूर्णाहुति 22-24 मार्च 2026 को होगी। मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के साथ देशभर से संत-श्रद्धालु पहुंचेंगे। तीन दिवसीय भव्य समापन में भक्ति कार्यक्रम, महिलाओं का सक्रिय योगदान, आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रसार।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
March 17, 2026 • 1:46 PM  30
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राजस्थान
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बालोतरा के कनाना गांव में 1008 कुंडीय ललिता सहस्रनाम महायज्ञ का भव्य समापन: 22-24 मार्च को मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा, 12 महीने का अनुष्ठान पूरा – देशभर से संत-श्रद्धालु पहुंचेंगे
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17 Mar 2026
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बालोतरा के कनाना गांव में 1008 कुंडीय ललिता सहस्रनाम महायज्ञ का भव्य समापन: 22-24 मार्च को मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा, 12 महीने का अनुष्ठान पूरा – देशभर से संत-श्रद्धालु पहुंचेंगे

बालोतरा (राजस्थान), 17 मार्च 2026: राजस्थान के बालोतरा क्षेत्र के कनाना गांव में पिछले 12 महीनों से लगातार चल रहे ऐतिहासिक ‘श्री ललिता सहस्रनाम 1008 कुंडीय महायज्ञ एवं मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महा महोत्सव’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस भव्य धार्मिक आयोजन की पूर्णाहुति 22, 23 और 24 मार्च 2026 को भव्य रूप से होगी। 1008 महाकुंडों में यज्ञ का यह अनुष्ठान अपनी विशालता, भक्ति और धार्मिक महत्व के कारण अब केवल राजस्थान ही नहीं, पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है।

कनाना गांव में मां सरस्वती मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ यह महोत्सव पूरा होगा। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, 1008 यज्ञ कुंड और भव्य मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है। श्रीमहंत परशुराम गिरी महाराज के सानिध्य में पूरा कार्यक्रम संचालित हो रहा है। कनाना मठ से जुड़े 12 गांवों के श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं ने पूरे 12 महीनों में अथक श्रमदान किया। उन्होंने यज्ञ स्थल की व्यवस्था, पंडाल निर्माण, कुंड खुदवाने और दैनिक पूजा-अर्चना में सक्रिय भूमिका निभाई। स्थानीय महिलाओं की इस भागीदारी ने महायज्ञ को और खास बना दिया है।

तीन दिवसीय समापन में कई विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए हैं। विराट संत सम्मेलन, कवि सम्मेलन, भक्ति संध्या और रात्रि जागरण जैसे आयोजन होंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की भी व्यवस्था की गई है। देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और हजारों श्रद्धालु आहुति देने पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति ने बताया कि 1008 महाकुंडों में ललिता सहस्रनाम के नामों का जाप, हवन और विशेष पूजा होगी। मां सरस्वती मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ज्ञान, विद्या और संस्कृति का संदेश पूरे देश तक पहुंचेगा।

यह महायज्ञ कनाना गांव के लिए गौरव का विषय है। 12 गांवों की महिलाओं ने श्रमदान कर पंडाल, कुंड और व्यवस्थाएं तैयार कीं। स्थानीय युवा और महिलाएं पूरे उत्साह से इसमें शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। बालोतरा क्षेत्र में यह पहला ऐसा बड़ा आयोजन है जिसमें 1008 कुंडों का यज्ञ हो रहा है।

महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मां सरस्वती मंदिर में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। स्थानीय लोग बताते हैं कि 12 महीनों की मेहनत अब फल देने वाली है। 22 मार्च से शुरू होने वाले समापन में हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। 24 मार्च को पूर्णाहुति के साथ महोत्सव समाप्त होगा, लेकिन इसका स्मृति चिह्न सदियों तक याद रहेगा।यह महायज्ञ राजस्थान की धार्मिक परंपरा को नई ऊंचाई दे रहा है। बालोतरा न्यूज और स्थानीय प्रशासन ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया है। पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक माहौल में डूबा हुआ है। आने वाले तीन दिन बालोतरा और कनाना गांव के लिए यादगार बनेंगे।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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