पूर्व मंत्री कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन के दौरान बेहोश होकर सड़क पर गिरे, अस्पताल जाने से किया इनकार
झुंझुनूं के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने के प्रस्ताव के विरोध में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने ग्रामीणों के साथ 22 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला।
झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ग्रामीणों के साथ 22 किलोमीटर लंबी पैदल रैली में शामिल हुए। इस्लामपुर से शुरू हुआ यह मार्च झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और उमस के कारण गुढ़ा की तबीयत बिगड़ गई और वे सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
मौके पर मौजूद समर्थकों और ग्रामीणों ने उन्हें संभाला। लोगों ने तौलियों और हाथ के पंखों से हवा की तथा पानी छिड़ककर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि एम्बुलेंस पहुंचने के बावजूद गुढ़ा ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।
‘मैं छांव में नहीं बैठ सकता’
गुढ़ा ने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा, “जब मेरे साथी 45 डिग्री तापमान में धूप में बैठे हैं तो मैं छांव में जाकर नहीं बैठ सकता।”