'नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते हैं...' गनोड़ा की चाय थड़ी पर सचिन पायलट का देसी अंदाज, 500 रुपये देकर जीता लोगों का दिल

राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने अपने वागड़ दौरे के दौरान बांसवाड़ा के गनोड़ा कस्बे में एक चाय की थड़ी पर रुककर स्थानीय लोगों के साथ चाय पी।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 15, 2026 • 4:17 PM  4
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राजस्थान
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'नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते हैं...' गनोड़ा की चाय थड़ी पर सचिन पायलट का देसी अंदाज, 500 रुपये देकर जीता लोगों का दिल
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'नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते हैं...' गनोड़ा की चाय थड़ी पर सचिन पायलट का देसी अंदाज, 500 रुपये देकर जीता लोगों का दिल

राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट का दो दिवसीय वागड़ दौरा राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ उनके सादगी भरे व्यवहार को लेकर भी चर्चा में रहा। दौरे के दूसरे दिन वे बांसवाड़ा जिले के गनोड़ा कस्बे पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

चाय की थड़ी पर रुककर लोगों से की बातचीत

गनोड़ा बस स्टैंड से गुजरते समय कार्यकर्ताओं के आग्रह पर सचिन पायलट एक स्थानीय चाय की थड़ी पर रुक गए। उन्होंने आम लोगों के बीच बैठकर चाय की चुस्कियां लीं और ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों की जानकारी ली।

जैसे ही लोगों को उनके वहां होने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और महिलाएं उन्हें देखने और मिलने के लिए पहुंच गए।

'दुकानदार का नुकसान नहीं होना चाहिए'

चाय पीने के बाद जब सचिन पायलट वहां से रवाना होने लगे तो उन्होंने थड़ी संचालक रणछोड़ को अपने पास बुलाया और मुस्कुराते हुए कहा,

"राजनीति में नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते हैं कि वे बिना पैसे दिए चले जाते हैं, लेकिन मैं वैसा बिल्कुल नहीं हूं। मैं आपकी चाय के पैसे देकर ही जाऊंगा। आप जैसे छोटे दुकानदारों का किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए।"

उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

500 रुपये का नोट देकर जीता दिल

सचिन पायलट ने अपनी जेब से 500 रुपये का नोट निकालकर चायवाले को दिया। शुरुआत में दुकानदार ने पैसे लेने से मना कर दिया, लेकिन पायलट के बार-बार आग्रह करने पर उसने सम्मानपूर्वक राशि स्वीकार कर ली।

थड़ी संचालक रणछोड़ ने भावुक होकर कहा कि वह इस 500 रुपये के नोट को खर्च नहीं करेगा, बल्कि इसे सचिन पायलट की यादगार निशानी के रूप में हमेशा अपने पास सुरक्षित रखेगा।

आदिवासी संस्कृति का किया सम्मान

इससे पहले गनोड़ा पहुंचने पर स्थानीय नेताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक तरीके से सचिन पायलट का स्वागत किया। उनके सिर पर वागड़ की पारंपरिक 'गोफण' बांधी गई, जबकि घाटोल विधायक नानालाल निनामा ने उन्हें आदिवासी शौर्य और संस्कृति के प्रतीक तीर-कमान भेंट किया।

महिलाओं ने मंगल गीत गाकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।

कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूद

इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, विधायक अर्जुन सिंह बामनिया, वरिष्ठ नेता रघुवीर मीणा, जिला उपाध्यक्ष नेमी कुमार जैन, पंचायत समिति सदस्य दिनेश व्यास, मंडल अध्यक्ष परमेश्वर नायक, ब्लॉक अध्यक्ष अजीत मुंगानिया सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राजनीतिक नजरिए से भी अहम दौरा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सचिन पायलट का आम लोगों के बीच जाकर चाय की थड़ी पर बैठना, स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करना और आदिवासी संस्कृति का सम्मान करना कांग्रेस की जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस दौरे से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली है और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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