अब AI करेगा राजस्थान पुलिस की मदद, डेटा एनालिसिस से रहेंगे अपराधियों पर पैनी नजर.
जयपुर को जाम और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत जेडीए की प्रवर्तन शाखा अभियान चलाकर सड़कों और फुटपाथों से अवैध डेयरी बूथ, सीढ़ियां और रैंप हटाएगी ताकि फुटपाथ केवल पैदल राहगीरों के लिए उपलब्ध रहें। साथ ही, शहर के मॉल्स, अस्पतालों और कमर्शियल इमारतों के बेसमेंट में चल रही अवैध दुकानों को हटाकर उन्हें दोबारा सिर्फ पार्किंग के लिए आरक्षित किया जाएगा। शहर में दौड़ रहे लगभग 50,000 ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए जयपुर को 7 ज़ोन में बांटा गया है, जहां ई-रिक्शा पर QR कोड और महिला सुरक्षा के लिए SOS बटन अनिवार्य होंगे। इसके अलावा, फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों पर हेरिटेज थीम आधारित पार्किंग विकसित की जाएगी और AI आधारित (ANPR) कैमरों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी नजर रखी जाएगी, जिनके बकाया चालान चौराहों पर लगी LED स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित होंगे।
जयपुर: अगर आप गुलाबी नगरी की सड़कों पर रोज गाड़ियों के हॉर्न, बेतरतीब जाम और गायब हो चुके फुटपाथों से परेशान हैं, तो थोड़ा राहत की सांस लीजिए। जयपुर की रफ्तार और खूबसूरती को एक नया मोड़ मिलने जा रहा है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 'ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड' की बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।
JDA आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अगुवाई में बने इस मास्टर प्लान के तहत अब सड़कों से ना सिर्फ अवैध कब्जों का सफाया होगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नियम तोड़ने वालों की नींद भी उड़ने वाली है!
आइए आसान भाषा में जानते हैं कि जयपुर की सड़कों पर क्या-क्या बदलने जा रहा है: