'रविवार को सिर्फ पढ़ते-लिखते थे भैरों सिंह शेखावत', अमृत महोत्सव में वसुंधरा राजे ने विधायकों को दी बड़ी नसीहत
राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित अमृत महोत्सव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जनप्रतिनिधियों को अध्ययनशील बनने की सलाह दी।
राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जनप्रतिनिधियों, विशेष रूप से विधायकों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब जनप्रतिनिधि अध्ययनशील होंगे और सदन की कार्यवाही में पूरी तैयारी के साथ हिस्सा लेंगे।
इस दौरान वसुंधरा राजे ने पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत से जुड़ा एक दिलचस्प संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि शेखावत हर रविवार को पढ़ने और लिखने के लिए समय निकालते थे और उस दिन अनावश्यक बातचीत से भी बचते थे।
'रविवार को बोलते नहीं, लिखकर संवाद करते थे'
राजे ने बताया कि एक बार जब वह रविवार के दिन भैरों सिंह शेखावत से मिलने पहुंचीं तो उन्होंने बोलने के बजाय लिखकर संवाद किया। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो शेखावत ने कहा कि "रविवार मेरा पढ़ने और लिखने का दिन है।"