पीएम मोदी ने किया बाड़मेर रेलवे स्टेशन का लोकार्पण: 1899 से लेकर पाकिस्तानी बमबारी तक का रहा ऐतिहासिक सफर
कभी टीन के छप्पर से शुरू हुआ बाड़मेर रेलवे स्टेशन आज अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन बन चुका है।
करीब सवा सौ साल के गौरवशाली इतिहास को अपने भीतर समेटे बाड़मेर रेलवे स्टेशन ने एक और ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है। कभी टीन के छप्पर और गोल छत वाली इमारत के रूप में पहचान रखने वाला यह स्टेशन अब अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रेलवे स्टेशन बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से इसका लोकार्पण किया। इस अवसर पर बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, बायतु विधायक आदूराम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बाड़मेर रेलवे स्टेशन का इतिहास वर्ष 1899 से जुड़ा हुआ है। जोधपुर के तत्कालीन महाराजा सरदार सिंह के सुझाव पर सादड़ी, पाली, बालोतरा और बाड़मेर के बीच रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ। इसके बाद 22 दिसंबर 1900 को बाड़मेर से कराची तक 74 मील लंबी रेल लाइन जोड़ दी गई, जिससे यह स्टेशन भारत और तत्कालीन सिंध क्षेत्र के बीच महत्वपूर्ण रेल संपर्क का केंद्र बन गया। आजादी के बाद भी वर्ष 1965 तक यहां से कराची के लिए रेल सेवा संचालित होती रही।
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अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन
बाड़मेर रेलवे स्टेशन उद्घाटन के लिए सज धज के है तैयार। #IndianRailways #NorthWesternRailway@RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @RavneetBittu @VSOMANNA_BJP @DRMJodhpurNWR… pic.twitter.com/DLzO6bMJaM