जालोर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, स्कूल गेट पर ताला लगाकर किया प्रदर्शन

जालोर जिले के सायला क्षेत्र के मेघलवा गांव स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों के 18 पद खाली होने से नाराज छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 14, 2026 • 3:44 PM  5
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राजस्थान
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जालोर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, स्कूल गेट पर ताला लगाकर किया प्रदर्शन
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जालोर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, स्कूल गेट पर ताला लगाकर किया प्रदर्शन

राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के मेघलवा गांव स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर मंगलवार को छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 9:30 बजे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में ग्रामीण भी शामिल हुए और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि स्कूल में वर्षों से शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

25 पद स्वीकृत, केवल 7 शिक्षक कार्यरत

ग्रामीणों और छात्रों के अनुसार विद्यालय में कुल 25 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 7 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इन्हीं शिक्षकों पर 350 से अधिक छात्रों की पढ़ाई की जिम्मेदारी है।

कम शिक्षकों के कारण कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। इससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों ने बताया— स्कूल में सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक नहीं

प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने बताया कि स्कूल में सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक नहीं है। प्रथम श्रेणी के केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें एक इतिहास और दूसरा हिंदी विषय पढ़ाते हैं।

इतिहास के शिक्षक ही स्कूल के प्रिंसिपल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे हैं। प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण उन्हें नियमित रूप से कक्षाएं लेने का समय नहीं मिल पाता, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

लंबे समय से खाली पड़े हैं पद

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए हैं। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन और शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।

शैक्षणिक गतिविधियां रहीं प्रभावित

प्रदर्शन के कारण मंगलवार को विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। छात्र-छात्राएं और ग्रामीण स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठे रहे और शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग करते रहे।

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अधिकारियों ने पहुंचकर समझाइश की

स्थिति को देखते हुए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नेमाराम चौधरी और एएसआई राजाराम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

हालांकि प्रदर्शनकारी शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।

छात्रों की मुख्य मांग

छात्रों और ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय में खाली पड़े सभी शिक्षकों के पदों पर जल्द से जल्द नियमित नियुक्तियां की जाएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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