ज़ीरोधा की इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में एंट्री की तैयारी, SEBI से मर्चेंट बैंकर लाइसेंस के लिए किया आवेदन

ऑनलाइन डिस्काउंट ब्रोकर ज़ीरोधा ने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कारोबार में प्रवेश की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेबी के पास मर्चेंट बैंकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। मंजूरी मिलने पर कंपनी आईपीओ, पूंजी जुटाने और कॉर्पोरेट वित्तीय सलाह जैसी सेवाएं भी प्रदान कर सकेगी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 29, 2026 • 4:16 PM  6
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ज़ीरोधा की इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में एंट्री की तैयारी, SEBI से मर्चेंट बैंकर लाइसेंस के लिए किया आवेदन
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ज़ीरोधा की इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में एंट्री की तैयारी, SEBI से मर्चेंट बैंकर लाइसेंस के लिए किया आवेदन

भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन डिस्काउंट ब्रोकर्स में से एक ज़ीरोधा (Zerodha) अब अपने कारोबार का विस्तार करते हुए इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (Investment Banking) सेक्टर में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास मर्चेंट बैंकर (Merchant Banker) लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

यदि ज़ीरोधा को यह लाइसेंस मिल जाता है, तो कंपनी केवल शेयर ट्रेडिंग और निवेश सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनियों को पूंजी जुटाने, आईपीओ (IPO), राइट्स इश्यू, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), विलय एवं अधिग्रहण (M&A) जैसी वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध करा सकेगी।

क्या होता है मर्चेंट बैंकर?

मर्चेंट बैंकर वह संस्था होती है जिसे सेबी की मंजूरी प्राप्त होती है और जो कंपनियों को पूंजी बाजार से धन जुटाने की प्रक्रिया में सलाह और प्रबंधन सेवाएं प्रदान करती है। इनमें आईपीओ लाना, शेयर जारी करना, वैल्यूएशन, कॉर्पोरेट सलाहकार सेवाएं और अन्य पूंजी बाजार से जुड़े कार्य शामिल होते हैं।

ज़ीरोधा की नई रणनीति

ज़ीरोधा लंबे समय से रिटेल निवेशकों के बीच कम ब्रोकरेज और सरल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए जानी जाती है। अब कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत बनाते हुए कॉर्पोरेट ग्राहकों और स्टार्टअप्स को भी वित्तीय सेवाएं देने की योजना बना रही है।

कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत में आईपीओ बाजार लगातार मजबूत हो रहा है और बड़ी संख्या में स्टार्टअप एवं कंपनियां शेयर बाजार के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही हैं।

निवेशकों और बाजार पर असर

 यदि ज़ीरोधा को मर्चेंट बैंकर लाइसेंस मिल जाता है, तो भारतीय इन्वेस्टमेंट बैंकिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है। इससे कंपनियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, जबकि ज़ीरोधा अपने मौजूदा निवेशक आधार का लाभ उठाकर कॉर्पोरेट फाइनेंस के क्षेत्र में भी मजबूत पहचान बना सकती है।

डिजिटल फाइनेंस की ओर बढ़ता कदम

पिछले कुछ वर्षों में ज़ीरोधा ने ट्रेडिंग, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और निवेश संबंधी कई डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है। अब इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में प्रवेश की तैयारी कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। यदि सेबी से मंजूरी मिलती है, तो ज़ीरोधा भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आ सकती है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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