नेवी जवान का जन्मदिन बना अंतिम विदाई का दिन, पत्नी बोली- बेटी बुला रही है लौट आओ

झुंझुनू के सूरजगढ़ निवासी भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच की मुंबई में ड्यूटी पर जाते समय पेड़ गिरने से हुई दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके जन्मदिन के दिन ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां 3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पत्नी, मां और 18 माह की बेटी का भावुक दृश्य सभी की आंखें नम कर गया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 10, 2026 • 6:57 PM  2
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राजस्थान
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नेवी जवान का जन्मदिन बना अंतिम विदाई का दिन, पत्नी बोली- बेटी बुला रही है लौट आओ
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नेवी जवान का जन्मदिन बना अंतिम विदाई का दिन, पत्नी बोली- बेटी बुला रही है लौट आओ

झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में शुक्रवार का दिन हर किसी की आंखें नम कर गया। भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच (27) का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव घरडू (सूरजगढ़) पहुंचा तो पूरा गांव गम में डूब गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचा, मां, पत्नी और बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 18 महीने की मासूम बेटी को पिता के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया तो पत्नी बिलखते हुए बोलीं, "बेटी बुला रही है... लौट आओ।" यह कहते-कहते वह बेसुध हो गईं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

सबसे मार्मिक संयोग यह रहा कि 10 जुलाई को कुलदीप का जन्मदिन था। इसी तारीख को उनका भारतीय नौसेना में चयन हुआ था और इसी दिन उनका अंतिम संस्कार भी हुआ।

3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली

गुरुवार को भारतीय नौसेना की टीम लेफ्टिनेंट कमांडर रजत तोमर के नेतृत्व में दिल्ली और मुंबई से जवान का पार्थिव शरीर लेकर सूरजगढ़ पहुंची। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे सूरजगढ़ थाने से गांव घरडू तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई।

तिरंगे में लिपटे जवान को अंतिम विदाई देने के लिए रास्ते भर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के सदस्य, स्कूली बच्चे और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के साथ अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

नेवी बैंड के साथ निकली अंतिम यात्रा

गांव से श्मशान घाट तक नौसेना बैंड के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। श्मशान घाट पर भारतीय नौसेना की ओर से जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोपहर करीब एक बजे बड़े भाई प्रदीप, जो भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं, ने मुखाग्नि दी।

मुंबई में ड्यूटी जाते समय हुआ हादसा

कुलदीप दिवाच मुंबई में भारतीय नौसेना में तैनात थे। 6 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वह स्कूटी से ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान तेज अंधड़ के कारण एक पेड़ टूटकर उनके ऊपर गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में लगातार इलाज चलता रहा, लेकिन 9 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया।

2018 में जॉइन की थी भारतीय नौसेना

10 जुलाई 1999 को जन्मे कुलदीप दिवाच ने 2018 में भारतीय नौसेना जॉइन की थी। वह लीडिंग एयर ऑर्डनेंस मैकेनिक (LAOM) के पद पर कार्यरत थे और मुंबई स्थित आईएनएस शिकरा में तैनात थे। उनका दायित्व नौसेना के विमानों में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और गोला-बारूद के रखरखाव से जुड़ा था।

पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार

कुलदीप अपने पीछे मां सुभीता देवी, पत्नी, 18 महीने की बेटी और बड़े भाई प्रदीप को छोड़ गए हैं। मां और पत्नी गृहिणी हैं, जबकि बड़े भाई भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं।

गांव ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

सूरजगढ़ विधायक श्रवण सिंह ने कहा कि 10 जुलाई कुलदीप के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण तारीख थी। इसी दिन उनका जन्म हुआ, इसी दिन उनका नौसेना में चयन हुआ और नियति ने इसी दिन उन्हें अंतिम विदाई भी दी। उन्होंने कहा कि देश को कुलदीप जैसे वीर जवान पर गर्व है।

पूरे गांव में शोक का माहौल है। हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात थी कि देश की सेवा करते-करते एक और वीर सपूत हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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